दिशोम  गुरु की जयंती पर सीएम हेमंत सोरेन का एक भावुक पोस्ट ,पढ़िए किन बातों को फिर दुहराया

    दिशोम  गुरु की जयंती पर सीएम हेमंत सोरेन का एक भावुक पोस्ट ,पढ़िए किन बातों को फिर दुहराया

    धनबाद(DHANBAD) |  2025 के अप्रैल महीने में झामुमो के महाधिवेशन में दिशोम  गुरु के  पार्टी की बागडोर हेमंत सोरेन को सौंपने का प्रस्ताव सभी ने स्वीकार कर लिया था.  यह निर्णय कोई साधारण नहीं था, बल्कि राजनीतिक   उत्तराधिकार का था.  आज भी जब भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन किसी कार्यक्रम में बोलते हैं, तो बोलने के पहले भावनाएं आगे आ जाती हैं.   आवाज भर जाती  हैं.  

    आंखें नम हो जाती है.  एक बेटा अपने पिता को याद कर आंसू बहाने  लगता है.  हेमंत सोरेन यह  आज भी महसूस करते होंगे कि दिशोम  गुरु केवल उनके पिता नहीं, बल्कि एक विचार थे.  झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता आज भी यह  कहते और महसूस करते हैं कि हेमंत सोरेन के सभी फैसलों  में गुरुजी मौजूद होते.   अभी से कुछ ही देर पहले हेमंत सोरेन ने एक भावुक  पोस्ट किया है.  यह  पोस्ट उन्होंने सोशल मीडिया एक्स  पर किया है.  लिखा है---- 

    आज, मेरे बाबा, दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी की जन्मजयंती है. 
    यह मेरे लिए महज एक महान नेता का जन्मदिन नहीं है, बल्कि उस पिता की याद है, जिन्होंने मुझे जीवन जीने की कला सिखाई, संघर्ष करना सिखाया और सबसे महत्वपूर्ण, बिना झुके अपनी गरिमा, मूल्यों और सच्चाई पर अडिग रहना सिखाया. 

    बाबा ने पूरे जीवन अन्याय के सामने कभी सिर नहीं झुकाया, उन्होंने जल, जंगल, जमीन और आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया.  मैंने उन्हें कई बार थका हुआ देखा, लेकिन टूटते कभी नहीं देखा.  उनकी वो अटूट इच्छाशक्ति और दृढ़ता आज भी मेरे अंदर जीवित है. 

    एक पुत्र के नाते मैंने उनसे सादगी सीखी, मुश्किलों से कभी पीठ न दिखाने का साहस सीखा, और सत्ता को हमेशा जन-सेवा का माध्यम मानना सीखा. 
    बाबा, आपके दिखाए मार्ग पर, आपके दिए आदर्शों पर मैं जीवन भर चलता रहूँगा, चाहे कितनी भी चुनौतियाँ आएँ।

    जय झारखंड! जय दिशोम गुरु!
    आपकी स्मृति हमेशा अमर रहे।


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