देवघर (DEOGHAR): देवघर के पेड़े की अपनी अलग ही पहचान है. पवित्र द्वादश ज्योतिर्लिंग होने के कारण बाबाधाम देवघर में प्रत्येक वर्ष लाखों लोग पूजा अर्चना करने आते हैं. श्रद्धालु बाबा का दर्शन और पूजा करने के बाद प्रसाद के रूप में पेड़ा लेना नहीं भूलते. यहां के पेड़े की खुशबू और जायके की ख्याति लोगों को इसे लेने पर मजबूर कर देती है. पेड़े की इसी खासियत को देखते हुए जिला प्रशासन के अथक प्रयास से अब यहां के पेड़े को विदेशों में भी ख्याति प्राप्त करने जा रही है. इसके लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट कारपोरेशन और देवघर स्थित झारखंड डेयरी की इकाई मेघा डेयरी ने मिल कर बाबाधाम के पेड़ो को विदेशी पहचान दिलाने जा रहा है. बता दें कि 20 अक्टूबर को देवघर में बने पेड़ो का पहला कंसाइनमेंट बहरीन भेजा जाएगा.
450 रुपये प्रति किलो और जीएसटी के साथ होगा पेड़ा एक्सपोर्ट
मेघा डेयरी के देवघर प्लांट हेड मिलन मिश्रा ने बताया कि देवघर के पेड़े को विदेशों तक पहुंचाने के लिए सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. यहां तैयार पेड़े की पहली खेप बहारी देश में भेजने का निर्णय लिया गया है. पहली बार पेड़े का निर्यात दूसरे देशों में किया जा रहा है. मिलन मिश्रा ने बताया कि आगामी 20 अक्टूबर को पहला कंसाइनमेंट बहरीन भेजा जाएगा. अंतरराष्ट्रीय बाजार में मेधा डेरी द्वारा अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए 20 अक्टूबर को कोलकाता एयरपोर्ट पर संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में इसका फ्लैग ऑफ किया जाएगा. इस अवसर पर कई संबंधित अधिकारी ऑनलाइन भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे. मेधा डेयरी 32 किलो पेड़ा का पहला खेप बहरीन भेजेगा. डेयरी ने इसके लिए कोलकाता के एक एक्सपोर्टर डीएम एक्सपोर्ट कंपनी से करार किया है. डेरी 450 रुपये प्रति किलो और जीएसटी के साथ एक्सपोर्टर को पेड़ा उपलब्ध कराएगी. बैद्यनाथ धाम पेड़ा नामक लिखा एक डब्बा का 400 ग्राम वजन होगादेवघर मेधा डेरी के प्लांट हेड मिलन मिश्रा ने बताया की अच्छा रिस्पॉन्स मिलने पर अन्य देशों में भी यहां के पेड़े सहित अन्य उत्पाद पहुंचाए जाएंगे.अब विदेशों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित होने से बहुत जल्द ही यहां के लज़ीज पेड़े की धूम अंतरराष्ट्रीय बाजार तक सुनाई देने वाला है.
रिपोर्ट: रितुराज सिन्हा, देवघर
Thenewspost - Jharkhand
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