कोयला के पहाड़ों पर अब ड्रोन की मदद से खिलेंगे फूल, जानिए इसके लिए कैसे काम करेगा ड्रोन 

    कोयला के पहाड़ों पर अब ड्रोन की मदद से खिलेंगे फूल, जानिए इसके लिए कैसे काम करेगा ड्रोन

    धनबाद (DHANBAD) : कोयला क्षेत्र में ड्रोन अब वृक्ष लगाएगा. सुनने में आपको अटपटा जरूर लग रहा होगा, लेकिन कोयला कंपनियों ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है. और जल्द ही इसे अमलीजामा पहनाया जा सकता है. कोयला क्षेत्र में ओवर बर्डेन के बड़े-बड़े पहाड़ खड़े हो गए हैं. यह ओवर बर्देन पत्थर और मिट्टी होते हैं. दरअसल, कोयला खनन के दौरान जो पत्थर और मिट्टी निकलते हैं, उसे बाहर जमा कर दिया जाता है. जमा होते-होते यह पहाड़ का आकार ले लेते हैं. यहां हरियाली नहीं होती. कोयलांचल में जगह-जगह ऐसे पहाड़ दिख जाएंगे. इन्हीं ओवर बर्देनी रूपी पहाड़ पर हरियाली फैलाने के लिए ड्रोन का उपयोग करने का निर्णय कोयला कंपनियों ने लिया है.

    ड्रोन से होगी सीडिंग

    निर्णय के मुताबिक पहाड़ों पर ड्रोन से सीड बाल गिराए जाएंगे. कहीं-कहीं इसका उपयोग हो भी रहा है. सीडबॉल गेंद नुमा होता है, जिसमें बीज के साथ मिट्टी, गोबर और खाद को मिलाकर सुखाया जाता है. उसके बाद उस बॉल को  पहाड़ पर फेंक दिया जाता है, जो बारिश में पौधे के रूप में उगते है. और पहाड़ पर हरियाली हो जाती है. कोल इंडिया की अनुषंगी इकाई सीएमपीडीआई के पास अपना  ड्रोन भी है, जिसका उपयोग कोल कंपनियां कर सकती हैं. अगर यह प्रयोग हुआ तो कोयला क्षेत्र में हरियाली की दिशा में यह एक क्रांतिकारी कदम होगा.

    रिपोर्ट : सत्यभूषण सिंह, धनबाद



    Related News