पांकी विधायक शशिभूषण मेहता के विरुद्ध नहीं मिला कोई साक्ष्य, एमपी-एमएलए कोर्ट से आदर्श आचार संहिता उल्लंघन मामले में बरी

    पांकी विधायक शशिभूषण मेहता के विरुद्ध नहीं मिला कोई साक्ष्य, एमपी-एमएलए कोर्ट से आदर्श आचार संहिता उल्लंघन मामले में बरी

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK):पांकी विधायक शशिभूषण मेहता को एमपी-एमएलए कोर्ट से बड़ी राहत मिली है,  स्पेशल मजिस्ट्रेट सतीश कुमार मुंडा की अदालत ने शशिभूषण मेहता को आदर्श आचार संहिता उल्लंघन मामले में साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है.

    25 अप्रैल 2016 को बगैर चुनाव आयोग की अनुमति के चुनावी सभा करने का आरोप

    यहां बता दें कि शशिभूषण मेहता के विरुद्ध 25 अप्रैल 2016 को मिसिर दोहर ग्राम में चुनाव आयोग की अनुमति के बगैर चुनावी सभा का आयोजन करने और समर्थकों को खाना खिलाने का आरोप था.

    आदर्श आचार संहिता कोषांग के प्रभारी ने दर्ज करवाया था मामला

    इस मामले में आदर्श आचार संहिता कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी नंद कुमार मिश्रा ने भारतीय दंड विधान की धारा 171 ई, 171 एफ और 134 लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत तरसहा थाना में उनके विरुद्ध नामजद प्राथमिकी (कांड संख्या 24/ 2016) दर्ज करवायी गयी थी. उनके द्वारा इस मामले में 26 अप्रैल 2016 को प्रभात खबर में छपी एक रिपोर्ट को भी आधार बनाया गया था.

    प्रभात खबर में छपी एक रिपोर्ट को भी आधार बनाया गया

    तब यह दावा किया गया था कि शशिभूषण मेहता ने 25 अप्रैल 2016 को एक 11 बजे दिन से दोपहर 1 बजे तक चुनावी सभा का आयोजन किया और समर्थकों की भारी भीड़ को खाना खिलवाया, साथ ही पंडाल आदि भी लगवाया. सूचक के द्वारा इसे धारा 144 और आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताया गया था.

    सूचक ने अदालत में नहीं पेश किया कोई सबूत

    लेकिन अदालत में सूचक के द्वारा इसका कोई साक्ष्य पेश नहीं किया जा सका, जिसके बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ता राहुल सत्यार्थी ने अदालत से अपने मुव्कील को साक्ष्य के अभाव में बरी करने का अनुरोध किया. अदालत ने बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद शशिभूषण मेहता को बरी कर दिया.


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