आपके काम की खबर : अगर आप नौकरी बदलने के शौक़ीन है तो बिलकुल मत करिये प्रोविडेंट फंड राशि ट्रांसफर की चिंता !

    आपके काम की खबर : अगर आप नौकरी बदलने के शौक़ीन है तो बिलकुल मत करिये प्रोविडेंट फंड राशि ट्रांसफर की चिंता !

    धनबाद (DHANBAD) : शौक से या परेशानी में अथवा अधिक लाभ के लिए नौकरी बदलने वालों को अब प्रोविडेंट फंड राशि ट्रांसफर की चिंता बिलकुल नहीं रहेगी. कर्मचारियों को अब उनके आधार नंबर पर एक ही यूनिवर्सल अकाउंट नंबर जारी किया जाएगा. अब उनके पास दो या दो से अधिक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर नहीं रहेगा. कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने या दूसरी नौकरी पाने पर दो यूनिवर्सल अकाउंट नंबर नहीं बनेगे. ईपीएफओ ने एक बड़े उद्देश्य से यूनिवर्सल अकाउंट नंबर सिस्टम लागू किया था. इसके तहत कर्मचारियों को एक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर जारी किया जाता है. कोई सदस्य एक नौकरी छोड़कर दूसरी जगह जाता है, तो उसे केवल अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर ही देना होता है. उसके बाद पुराने पीएफ खाते की धनराशि नए खाते में चली आती है. 

    कई सदस्यों के पास एक से अधिक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर होते 
     
    लेकिन इधर पता चला है कि एक सदस्य के नाम पर दो या उससे अधिक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर जारी किये गए है. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. इसके लिए नया सिस्टम लगभग तैयार है. इस सिस्टम में  एक आधार नंबर पर एक ही यूनिवर्सल अकाउंट नंबर जारी होंगे. ईपीएफओ पोर्टल पर जैसे ही आधार नंबर डालकर कर्मचारी का पंजीकरण किया जाएगा, तो पुराना रिकॉर्ड निकलकर सामने आ जाएगा. अगर पहले से किसी कर्मचारी के पास यूनिवर्सल अकाउंट नंबर है, तो नया नंबर जारी नहीं किया जाएगा. एक नंबर पर ही  पीएफ खाता सक्रिय होगा. ईपीएफओ की 3.0 यानी नए सिस्टम में यह प्रक्रिया पूरी तरह से लागू हो जाएगी. दरअसल, कई मामलों में देखा गया है कि कोई कर्मचारी पुरानी कंपनी से नई कंपनी में जाते  है, तो पुराना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर नहीं देते है.  

    या तो कर्मचारी देते नहीं हैं या नई कंपनी मांगती भी नहीं है 

    यह भी होता है कि कंपनी मांगती भी नहीं है. ऐसे कर्मचारियों को ईपीएफओ पोर्टल पर नए सदस्य के तौर पर पंजीकृत कर दिया जाता है और ईपीएफओ का सिस्टम नया यूनिवर्सल अकाउंट नंबर जारी कर देता है. इससे कर्मचारियों को दो या इससे अधिक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर आवंटित हो जाते है. सुझाव दिए गए हैं कि जैसे भी किसी कर्मचारी को पता चले कि उनके  पास दो या उससे अधिक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर है. तो नियोक्ता या ईपीएफओ को इसकी जानकारी दे. अपने वर्तमान और पिछले यूनिवर्सल अकाउंट नंबर का उल्लेख करते हुए ईपीएफओ को ईमेल भी किया जा सकता है. ईपीएफओ इसका सत्यापन करने के बाद  पिछला यूनिवर्सल अकाउंट नंबर बंद कर देगा. नया  नंबर ही सक्रिय रहेगा. पुराने ब्लॉक हुए ईपीएफ खाते की राशि को  नए खाते में ट्रांसफर करने के लिए क्लेम भी करना जरुरी होगा.

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो  



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