बिजली संकट के बीच धनबाद में नए जीएम का बहुत बहुत स्वागत है.... !!!

    बिजली संकट के बीच धनबाद में नए जीएम का बहुत बहुत स्वागत है.... !!!

    धनबाद (DHANBAD): धनबाद में नए बिजली जीएम का बहुत बहुत स्वागत है. अभी हालात है कि कोयलांचल में बिजली के लिए कोई उपवास कर रहा है तो कहीं धरना-प्रदर्शन हो रहे हैं.  हालत एसे  हो गए हैं कि 'बिन पानी मछली' की तरह कोयलांचल वासी तड़प रहे हैं.  उमस भरी गर्मी में लोगों की परेशानी का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है.  परेशानी की विभीषिका ऐसी है कि भेलाटांड़ स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में 15 घंटे से बिजली नहीं रहने के कारण शनिवार को शहर के 8 जल मीनारों से जलापूर्ति पूरी तरह से ठप रही. 

    डेढ़ लाख लोगों को पानी संकट

     डेढ़ लाख लोगों को पानी संकट से जूझना पड़ा.  सुबह से ही लोग सप्लाई का इंतजार कर रहे थे.  पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों की मानें तो शुक्रवार शाम 4:00 बजे के करीब भेलाटांड़ स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की बिजली गुल हो गई थी.  शनिवार की सुबह 7:00 बजे बिजली आई.  इस कारण रा वाटर का ट्रीटमेंट नहीं हो सका.  शनिवार सुबह बिजली लौटने पर  वाटर का ट्रीटमेंट कर शहर के अलग-अलग जल मीनारों तक पानी छोड़ने का काम शुरू किया गया. पर्याप्त बिजली तो नहीं ही मिल रही है ,समय पर बिल भी नहीं बन रहा है. सब्सिडी पाने वालों को नुकसान हो रहा है.  यह तो हुई पानी -बिल की बात ,अब इधर कारोबारियों की मानें तो स्थिति बद से बदतर हो गई है.  पिछले 50 सालों में कोयलांचल में ऐसा बिजली संकट नहीं देखा है.  शनिवार को बैंक मोड  चेंबर के लोगों ने धरना दिया.  इस धरना में भाजपा विधायक राज सिन्हा भी शामिल हुए.

    सांसद का आंदोलन को नैतिक समर्थन 

    सांसद पशुपतिनाथ सिंह ने भी आंदोलन को नैतिक समर्थन देने की घोषणा की.  उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार धनबाद की जनता के साथ छल कर रही है.  कुल मिलाकर देखा जाए तो धनबाद पिछले 6 महीनों से अधिक समय से बिजली संकट झेल रहा है और यहां के जनप्रतिनिधि सिर्फ 'पेपर टाइगर' बने हुए है.  क्या धनबाद के सभी जनप्रतिनिधि दलगत भावना से ऊपर उठकर झारखंड सरकार के पास पहुंच जाएं तो कोई कारण नहीं है कि धनबाद को बिजली संकट से छुटकारा नहीं मिल जाये.  वैसे भी कल मुख्यमंत्री धनबाद आ रहे है.  धनबाद में भी मुख्यमंत्री से मिलकर अगर सभी जनप्रतिनिधि पीड़ा बताएं तो कोई न कोई रास्ता निकल सकता है लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि क्या ऐसा होगा क्या.  इस बीच शनिवार को धनबाद  एरिया बोर्ड के नए जीएम हरेंद्र कुमार सिंह ने  पदभार ग्रहण किया है.  निर्वतमान जीएम अजीत कुमार से उन्होंने चार्ज लिया. झारखण्ड कर्मचारी यूनियन के महासचिव रामकृष्णा सिंह सहित अन्य ने उनका स्वागत किया. अब देखना है कि नए जीएम धनबाद के लोगों को कुछ राहत दे पाते हैं या फिर पूरी व्यवस्था पुराने ढर्रे पर ही चलती रहेगी. 



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