लापरवाही ने तो ले ली छह ठेका मजदूरों की जान लेकिन अब कई रेल अधिकारी भी नहीं बचेंगे ,जानिए ऐसा क्यों होगा 

    लापरवाही ने तो ले ली छह ठेका मजदूरों की जान लेकिन अब कई रेल अधिकारी भी नहीं बचेंगे ,जानिए ऐसा क्यों होगा

    धनबाद(DHANBAD): धनबाद- गोमो रेलखंड पर ओवरहेड तार के  करंट की चपेट में आने से मारे गए छह ठेका मजदूरों के मामले में कई अधिकारियों की  गर्दन फंस  सकती है. पूर्व मध्य रेलवे से पहुंची विशेष जाँच टीम ने  कई अधिकारियो की भूमिकाओं पर सवाल खड़े किए है. विशेष जांच के लिए रेलवे की 4 लोगो  टीम पहुंची है.  जाँच टीम महाप्रबंधक को अपनी रिपोर्ट देगी. सूत्रों के अनुसार जांच टीम को जगह -जगह  पर लापरवाही मिली है. जांच में पता चला है कि आरवीएनएल पाथरडीह  से लेकर प्रधानखंता होते हुए धनबाद डिवीजन के बंधुआ  तक लाइन किनारे नया पोल  बिछाने का काम कर रही है.  कहीं भी पोल लगाने के लिए ट्रैफिक या  पावर  ब्लॉक नहीं लिया गया. रिकॉर्ड इस बात के सबूत दे रहे है.

    जांच टीम को मिली है कई गड़बड़ियां 

    इस पर रेलवे के अधिकारियों ने भी ध्यान नहीं दिया.  जांच टीम ने इसे गंभीर माना है.  रेलवे की ओर से भी घोर लापरवाही की बात सामने आई है.  इस घटना में पोल  लगाने वाली कंपनी के अलावा  रेलवे के कई अधिकारियों की गर्दन फंसती  दिख रही है. करंट की चपेट में आकर मजदूर जिंदा जल गए थे.  इस घटना ने धनबाद से लेकर दिल्ली तक तहलका मचा दिया  था. इधर, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने रेलवे और झारखंड के पुलिस प्रमुख को नोटिस जारी किया है. नोटिस में 4 सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है.  30 मई को करंट से छह की मौत हुई थी.  आयोग ने कहा है कि उसने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर स्वत संज्ञान लेकर नोटिस जारी किया है. रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर पूरा डिटेल्स  देने को कहा गया है. आयोग ने पुलिस द्वारा दर्ज किये गए मुकदमे  की स्थिति भी बताने को कहा  है.


    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो  



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