नेशनल लोक अदालत से 134 करोड़ 41 लाख 84 हजार रूपए की हुई रिकवरी, जानिए कितने मुकदमे हुए निष्पादित 

    नेशनल लोक अदालत से 134 करोड़ 41 लाख 84 हजार रूपए की हुई रिकवरी, जानिए कितने मुकदमे हुए निष्पादित

    धनबाद(DHANBAD): नालसा के निर्देश पर वर्ष 23 के दुसरे नेशनल लोक अदालत का उद्घाटन शनिवार को धनबाद के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा के चेयरमैन राम शर्मा ने किया. कहा कि हमारा संविधान हर लोगों को सामाजिक, आर्थिक एवं सस्ता सुलभ न्याय की गारंटी देता है. नेशनल लोक अदालत संविधान के परिकल्पना को पूरी करने के दिशा में एक  कदम है.   प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि  लोक अदालत में महीनों कोर्ट का चक्कर लगाने और पैसे की बर्बादी से बचा जा सकता है. इससे लोगों को मानसिक शांति भी मिलती है. इसके साथ ही प्रेम और सौहार्द आपस में फिर से बन जाता है.  लोगों मे प्रेम ,शाति ,समृद्धि और समरसता बनी रहे, यही इस लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य है. कहा कि 23 नवम्बर 2013 से पूरे देश में नेशनल लोक अदालत का आयोजन  हर तीन माह मे किया जा रहा है.  जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार मिश्रा   ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आम आदमी के हित के लिये लगाई  जाती है. बिना प्रशासनिक सहयोग के हम समाज तक न्याय नहीं पहुंचा सकते.  उन्होंने कहा कि  लोक अदालत के माध्यम से व्यापक पैमाने पर मुकदमों का निष्पादन किया जा रहा है.  अबकी बार बिजली विभाग के 447 मुकदमों का निपटारा कर दिया गया.  मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजय कुमार सिंह ने  कहा कि लोक अदालत में विवादों का  तत्काल निपटारा होता है. उन्होंने कहा कि लोक अदालत एक ऐसा मंच है, जहां तत्काल प्रभाव में मामला सेटेल हो  जाता है और विवाद आगे नहीं बढ़ता.  

    78 हजार 633 विवादों का निपटारा 

    मुकदमो के निपटारे के लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आदेश पर 17 बेंच का गठन किया गया था.  जिनके द्वारा विभिन्न तरह के सुलहनीय विवादों का निपटारा किया गया. अवर न्यायाधीश सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार निताशा बारला  ने बताया कि नेशनल लोक अदालत में 78 हजार 633 विवादों का निपटारा कर दिया गया  तथा कुल 134 करोड़ 41 लाख 84 हजार  623 रूपए की रिकवरी की गई है.  उन्होंने बताया कि नेशनल लोक अदालत में बैंक लोन रिकवरी के 299, अपराधिक मामले 471,बिजली विभाग के 447, लेबर एक्ट के 86, दांपत्य जीवन से संबंधित 94 वाद एन आई एक्ट के 282,मोटरयान दुर्घटना के 12 व अन्य विभिन्न तरह के 64 हजार 941 विवादों का निपटारा हुआ. 

    मौजूद थे न्यायाधीश

    न्यायिक पदाधिकारियों में  प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय तौफीकुल हसन, अपर प्रधान न्यायाधीश फैमिली कोर्ट एस एन मिश्रा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुजीत कुमार सिंह, राजकुमार मिश्रा , लेबर जज नीरज कुमार श्रीवास्तव,मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजय कुमार सिंह, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कुलदीप मान ,अवर न्यायाधीश, राजीव त्रिपाठी, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी  प्रज्ञेश निगम ,स्थाई लोक अदालत के चेयरमैन पियूष कुमार , शिवम  चौरसिया , राकेश रोशन , अंकित कुमार सिंह  न्यायिक दंडाधिकारी रेलवे ,  मनोज कुमार इंदवार  न्यायिक दंडाधिकारी  जेजेबी ,  पंचम कुमार सिन्हा , अमर प्रसाद नीलाम  पत्र पदाधिकारी , शिप्रा  डालसा के पैनल अधिवक्ता, डालसा सहायक  ,सौरव सरकार, अरुण कुमार, संजय सिन्हा, संतोष महतो, ओम प्रकाश पासवान, हेमराज चौहान , राजेश कुमार सिंह , पंकज कुमार वर्मा, अबुल कलाम, अजित दास , अरविंद प्रसाद अन्य लोग उपस्थित थे. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 



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