धनबाद के जोड़ापोखर इलाके में आखिर क्यों अपराधी आगे -आगे तो पुलिस पीछे- पीछे, जानिए पूरा मामला  

    धनबाद के जोड़ापोखर इलाके में आखिर क्यों अपराधी आगे -आगे तो पुलिस पीछे- पीछे, जानिए पूरा मामला

    धनबाद(DHANBAD): अगर किसी थाना क्षेत्र में ताबड़तोड़ अपराध की घटनाएं हों , हत्याएं हों  या लगातार दो दिन फायरिंग की घटनाएं हो तो उस थाने की चर्चा तो होगी ही.  ऐसा ही एक थाना  है धनबाद का जोड़ापोखर, इस थाना क्षेत्र में अपराधियों का मनोबल सातवें आसमान पर है.  छोटी-छोटी बातों पर जान से मारने के लिए फायरिंग कर दी जा रही है.  29 एवं 30 जून की रात जोड़ापोखर में अलग-अलग जगहों पर फायरिंग की गई.  दोनों जगहों से पुलिस ने  जिंदा कारतूस और खोखा  बरामद किया है.  लेकिन फायरिंग करने वालों की गिरफ्तारी नहीं हुई है. 

    29 और 30 जून की रात भी की गई फायरिंग 
     
    29 जून की रात शंकर सिंह नामक जनता मजदूर संघ के समर्थक पर फायरिंग की गई.  यहां से पुलिस ने दो जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद किया.  शंकर सिंह के बयान पर मामला दर्ज हुआ.  पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला.  30 जून की रात पुआल    बेचने वाले के पुत्र पर फायरिंग की गई.  इस घटना में परिवार सहित अन्य लोग भी बाल- बाल बच गए.  इस मामले में भी मामला दर्ज किया गया है.  पुलिस कह  रही है कि दोनों मामलों की छानबीन की जा रही है.  लेकिन अभी तक मामले का खुलासा नहीं हो पाया है.  वैसे तो फायरिंग और बमबाज गिरोह पूरे जिले में पुलिस के लिए चुनौती बने हुए है.  लेकिन जोरापोखर की घटनाएं सुर्खियां बटोर रही है.  कहा जा रहा है कि इस इलाके में हथियार जमा किये गए है. 

    किस मकसद से हथियार किये गए है जमा 

     हथियार जमा  किसने किया है, करने का मकसद क्या है, इसका तो खुलासा नहीं हो पाया है लेकिन लगातार घटनाएं इस बात  को जरूर बल देती है कि हथियार जमा किये गए है. जोड़ापोखर  में ही चंद्रदेव यादव नमक दूध  विक्रेता की हत्या घर में घुसकर कर दी गई थी.  उसके बाद चास नाला साउथ कॉलोनी में कोयला कारोबारी और होटल संचालक की गोली मारकर हत्या कर दी गई. चंद्रदेव  यादव के हत्यारे को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है और प्रवीण राय हत्याकांड में भी मास्टरमाइंड फरार चल रहा है.  वैसे अपराधियों ने कानून- व्यवस्था की ऐसी- तैसी कर रखी है.  जब जी  में आता है, फायरिंग कर दी जाती है, लोगों की जान ले ली जाती है.  पुलिस एक गैंग को पकड़ती है तो दूसरा गैंग  खड़ा हो जाता है.  जब तक इलाके में जमा किए गए हथियारों को नष्ट नहीं किया जाएगा, इस तरह के अपराध लगातार होते रहेंगे.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो  



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