निगम चुनाव : पूर्णिमा नीरज सिंह लड़ेंगी चुनाव तो पढ़िए सिंह मैंशन से कौन होगा उम्मीदवार, क्यों चढ़ गया है धनबाद का राजनीतिक  पारा !

    निगम चुनाव : पूर्णिमा नीरज सिंह लड़ेंगी चुनाव तो पढ़िए सिंह मैंशन से कौन होगा उम्मीदवार, क्यों चढ़ गया है धनबाद का राजनीतिक  पारा !

    धनबाद(DHANBAD) : धनबाद नगर निगम के मेयर का पद बिल्कुल चूं -चूं  का मुरब्बा बन गया है. सारे लोगों की नजरे इस "म्यूजिकल कुर्सी" पर टिकी हुई है.  सीट सामान्य होने की उम्मीद मात्र से उम्मीदवारों की सूची लंबी हो गई है.  अब तो साफ हो गया है कि पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह भी मेयर पद के लिए अपनी दावेदारी करेंगी.  इसकी पुष्टि पूर्णिमा नीरज सिंह के देवर और जनता मजदूर संघ (बच्चा गुट) के महामंत्री अभिषेक सिंह ने कर दी है.  इसके साथ ही यह भी सवाल उठने लगा है कि क्या निगम चुनाव में एक बार फिर सिंह मेंशन और रघुकुल आमने-सामने होगा.  2024 के झरिया विधानसभा चुनाव में सिंह मेंशन और रघुकुल आमने-सामने था.  जिसमें सिंह मेंशन ने बाजी मारी. यह  अलग बात है कि 2019 में सिंह मेंशन को पछाड़कर रघुकुल ने बाजी मारी थी.  अभिषेक सिंह की घोषणा के बाद धनबाद का राजनीतिक तापमान इस ठंड में भी अचानक गर्म हो  गया है.  तरह-तरह के कयास और तरह-तरह की बातें कहीं जा रही है.  वैसे, धनबाद निगम के मेयर पद के लिए प्रत्याशी बनने की होड़ मची हुई है. 
     
    शहर के विभिन्न जगहों पर अभी से ही होर्डिंग टंग  गए है,चुनाव में अभी देरी है 
     
    शहर के विभिन्न जगहों पर अभी से ही होर्डिंग टंग  गए है.  चुनाव की तिथि अभी घोषित नहीं हुई है.  यह भी नहीं घोषित किया जा सका है कि धनबाद मेयर का पद सामान्य कोटि के लिए रहेगा या आरक्षित होगा.  लेकिन उम्मीदवारों की सक्रियता बढ़ी हुई है.  यह बात तो सच है कि मेयर की कुर्सी बड़ी होती है और शहर का प्रथम नागरिक होने की वजह से उसका अधिकार क्षेत्र भी बड़ा होता है.  कार्यक्षेत्र भी बड़ा होता है.  कम से कम 10 लाख की आबादी का वह प्रतिनिधित्व करता है.  दरअसल रविवार  को झरिया विधानसभा क्षेत्र के जीतपुर में एक कार्यक्रम में अभिषेक सिंह ने कहा कि झरिया के लोगों का लगातार विस्थापन हो रहा है.  मौजूदा विधायक रागिनी सिंह इस समस्या के समाधान में पूरी तरह से विफल  हो रही है.  उनका कहना था कि चुनाव से पहले किए गए वादों पर कोई काम नहीं हो रहा है.  उन्होंने साफ किया कि धनबाद नगर निगम के मेयर पद का चुनाव लड़कर पूर्णिमा नीरज सिंह शहर वासियों के सुख-दुख में सहभागी बनेगी और शहर की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करेंगी. 

    सिंह मेंशन से मेयर पद का कौन उम्मीदवार होगा, इस पर भी चर्चा तेज 
     
    अब सिंह मेंशन से मेयर पद का कौन उम्मीदवार होगा, इसको लेकर अभी पत्ता  नहीं खोला गया है.  लेकिन इतना तो तय है कि कोई ना कोई सिंह मेंशन से उम्मीदवार होगा.  यह  उम्मीदवार पूर्व विधायक संजीव सिंह भी हो सकते हैं या अन्य कोई भी हो सकता है.  लेकिन मेयर पद पर सूत्रों के मुताबिक दावेदारी जरूर की जाएगी.  वैसे भी रघुकुल का निगम के चुनाव में अब तक दबदबा रहा है.  2010 में नीरज सिंह (अब स्वर्गीय) धनबाद के डिप्टी मेयर चुने गए थे.  पूर्णिमा नीरज सिंह के देवर एकलब्य   सिंह 2015 में डिप्टी मेयर हुए.  2017 में नीरज सिंह की हत्या के बाद पूर्णिमा नीरज सिंह राजनीति में आई.  2019 में कांग्रेस से झरिया से विधायक चुनी गई, लेकिन 2024 में रागिनी सिंह के हाथों चुनाव हार गई.  

    अगले साल के मार्च के पहले हो सकता है निकाय चुनाव 

    उम्मीद की जा रही है कि 2026 के मार्च के  पहले झारखंड में निकाय का चुनाव हो सकता है.  सूत्र यह बता रहे हैं की पूर्णिमा नीरज सिंह प्रयास कर रही है कि महागठबंधन का उन्हें उम्मीदवार बनाया जाए.  यह अलग बात है कि मेयर का चुनाव पार्टी आधारित नहीं होता है.  लेकिन पार्टिया  किसी न किसी उम्मीदवार का समर्थन करती है.  ऐसे में पूर्णिमा नीरज सिंह को महागठबंधन का सपोर्ट लेना भी बहुत आसान नहीं होगा.  अगर वह अपनी राजनीतिक चतुराई से ऐसा कर लेती है तो धनबाद में मेयर की कुर्सी का चुनाव बहुत दिलचस्प हो सकता है. वैसे, भाजपा से भी चुनाव लड़ने वालो की संख्या कम नहीं है.  अभी तक यह सार्वजनिक नहीं हुआ है कि मेयर का पद सामान्य रहेगा या आरक्षित, लेकिन चुनाव लड़ने वालों की लंबी लाइन लग गई है.  कारोबारी हो अथवा राजनीतिक दल के नेता, सभी किस्मत आजमाने को आतुर है.  रोज नए-नए उम्मीदवार सामने आ रहे है.  शहर के कई जगहों पर होर्डिंग भी लग गई है.  सबसे अधिक दावेदारी भाजपा में है, तो महागठबंधन के नेता भी कम नहीं है.  कारोबारी भी आगे -आगे चल रहे है.  

    धनबाद निगम चुनाव 2015 में किस उम्मीदवार को कितने मिले थे वोट 

    धनबाद में 2006 में नगर निगम का गठन हुआ था. 2010 में पहली बार निगम का चुनाव हुआ ,जिसमें इंदु देवी मेयर चुनी गई. उस समय यह  सीट महिलाओं के लिए आरक्षित था. उसके बाद 2015 में चुनाव हुआ, जिस समय शेखर अग्रवाल मेयर चुने गए.  उस समय यह सीट ओबीसी के लिए आरक्षित था. उस वक्त कुल 23 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे.आइये बताते है किसको कितने मत मिले थे - 1- अवधेश कुमार -24598,2 -उत्पल कुमार मोदी -9712,3 -कुणाल सिंह- 8185,4 -गणपत महतो -11501,5 -गणेश कुमार गुप्ता -10849,6 -चन्द्र शेखर अग्रवाल -93136,7 -दिनेश कुमार महतो- 25939,8 -दीना नाथ ठाकुर -8676,9 - प्रदीप कुमार संथालिया- 6258,10- प्रहलाद साव -6391,11- भृगु नाथ भगत 9367,12 -मणिलाल महतो -5875,13- मेघनाथ रवानी -6313,14- रजनीश कुमार- 6432,15- रवीन्द्र कुमार वर्मा -6666,16 -राज कुमार अग्रवाल -29081,17- रामचंद्र रवानी -4633,18 -शमसेर आलम अंसारी- 50611,19 -सदानन्द महतो- 35593,20 -सन्तोष कुमार महतो- 15367,21- संतोष कुमार साव -4501,22 -सुरेश प्रसाद यादव- 5351,23 -सुशील कुमार सिंह -13293,24 -नोटा -7755

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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