नकवी को राज्यपाल बनने की दी बधाई, फिर BJP सांसद ने डिलीट किया ट्वीट, जानें पूरा मामला

    नकवी को राज्यपाल बनने की दी बधाई, फिर BJP सांसद ने डिलीट किया ट्वीट, जानें पूरा मामला

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK): बीजेपी के नार्थ-वेस्ट दिल्ली से सांसद हंस राज हंस (Hansraj Hans) ने पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी (Mukhtar Abbas Naqvi) को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बनने की बधाई दी. हालांकि कुछ देर बाद हंसराज हंस ने अपना ये ट्वीट डिलिट कर दिया. वहीं, मीडिया ने जब उनसे इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि मुझे राज्यपाल बनाए जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है. आपको बता दें कि बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनकड़ को बीजेपी ने उपराष्ट्रपति का उम्मीदवार बनाया है. जिसके बाद मणिपुर के राज्यपाल ला. गणेशन को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. नकवी को जब राज्यसभा का टिकट नहीं मिला था तब चर्चाएं थीं कि उन्हें राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाया जाएगा लेकिन एनडीए ने द्रौपदी मुर्मू को उम्मीदवार बनाया. जिसके बाद चर्चा चली की उन्हें उपराष्ट्रपति का उम्मीदवार बनाया जाएगा, लेकिन उन्हें वहां भी खाली हाथ ही रहना पड़ा. अब चर्चा है कि नकवी को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बनाया जाएगा. आएं जानते है नकवी और उन्हें बधाई देने वाले हंसराज हंस के बारे में.

    मुख्तार अब्बास नकवी (Mukhtar Abbas Naqvi)

    नकवी का राजनीतिक सफर 
    नकवी की राजनितक करियर 1975 आपातकाल के दौरान हुई थी. इस समय उन्हें विरोध के कारण जेल भी जाना पड़ा था. नकवी ने 1980 में जनता पार्टी (सेक्युलर) के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए. इसके बाद अयोध्या से 1980 में उन्होंने लोकसभा का चुनाव निर्दलीय लड़ा, लेकिन फिर हार गए. इसके बाद उन्होंने 1998 में रामपुर से मुख्तार अब्बास नकवी ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. जिसके बाद उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में सुचना प्रसारण मंत्री बनाया गया था. इसके बाद 2014 में मोदी सरकार में उन्हें अल्पसंख्यक राज्यमंत्री बनाया गया फिर 2016 में कैबिनेट का दर्जा मिल गया. 2019 में फिर से जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता संभाली तो मुख्तार अब्बास नकवी को फिर से केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री बनाया गया. हालांकि 2022 में उन्हें राज्यसभा का टिकट नहीं दिया गया.

    राज्यपाल का पद दिया जा सकता है
    उपराष्ट्रपति उम्मीदवार नहीं बनाए जाने के बाद अब ये भी चर्चाएं तेज हो गई हैं कि उन्हें किसी बड़े राज्य का राज्यपाल बनाया जा सकता है. आपको बता दें कि देश में फिलहाल एक ही मुस्लिम समुदाय से राज्यपाल है. केरल के आरिफ मोहम्मद खान ही इकलौते अल्पसंख्यक समुदाय से राज्यपाल हैं. ऐसे में कहा ये भी जा रहा है कि नकवी को किसी बड़े राज्य का राज्यपाल भी बनाया जा सकता है. हंसराज हंस के ट्वीट के बाद चर्चाएं थोड़ी बहुत सच होती नजर आ रही है. हालांकि बीजेपी सासंद ने कुछ देर बाद ट्वीट को डिलीट कर दिया था.

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    हंस राज हंस (Hans Raj Hans)

    कौन हैं हंस राज हंस

    हंस राज हंस का जन्म जालंधर, पंजाब, भारत के पास शफीपुर गांव में हुआ था. हंस ने अपनी स्नातक की पढ़ाई डीएवी कॉलेज, जालंधर से ही की है. अपनी किशोरावस्था से ही हंस को उस्ताद पूरन शाह कोटि ने गायन में प्रशिक्षित किया था. जब वो जवान हुए तो उन्होंने संगीत निर्देशक चरणजीत आहूजा से सीखा. फिर उन्होंने पंजाबी लोक, भक्ति और सूफी संगीत गाना शुरू किया, उन्होंने नुसरत फतेह अली खान के साथ फिल्म कच्चे धागे में भी काम किया है. हंस वाशिंगटन डीसी विश्वविद्यालय और सैन जोस स्टेट यूनिवर्सिटी में मानद संगीत प्रोफेसर भी रहे हैं.

    राजनीतिक करियर

    हंस राज हंस जनवरी 2009 में शिरोमणि अकाली दल पार्टी में शामिल हुए और उसी वर्ष मई में उन्होंने जालंधर, पंजाब, भारत निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा, जिसके बाद उन्होंने 18 दिसंबर 2014 को इस्तीफा दे दिया और फरवरी 2016 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गए. उसके बाद 10 दिसंबर 2016 को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और 2019 के लोकसभा चुनाव में उत्तर पश्चिम दिल्ली का प्रतिनिधित्व करने के लिए उम्मीदवार के रूप में उदित राज को हराया और उनकी जगह ली.

    रिपोर्ट: विशाल कुमार, रांची

     


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