सपोर्टर,थिंक टैंकर और फंड मैनेजर के साथ सांसद पीएन सिंह पहुंचे तारापीठ, जानें संयोग या मन टटोलने की कोशिश

    सपोर्टर,थिंक टैंकर और फंड मैनेजर के साथ सांसद पीएन सिंह पहुंचे तारापीठ, जानें संयोग या मन टटोलने की कोशिश

    धनबाद(DHANBAD):राजनीति में तीन बातों का बहुत ही महत्व होता है. पहला समर्थक यानी सपोर्टर, दूसरा थिंकटैंक, तीसरा फंड मैनेजर. इसके इर्द-गिर्द भी किसी भी पॉलीटिशियन की राजनीति चमकती है अथवा धूमिल होती है. मणिपुर के मुख्यमंत्री का इस्तीफा उनके समर्थकों ने फाड़ दिया. इसलिए वो इस्तीफा नहीं दिए, ये योजना थी या सही में समर्थकों का समर्थन, इस पर विवाद हो सकता है. लेकिन घटना तो हुई है.

    सांसद पीएन सिंह पहुंचे तारापीठ

    चलिए अब धनबाद लोकसभा सीट की बात शुरू करते हैं. बीजेपी का महा जनसंपर्क अभियान 30 जून को खत्म हो गया. इस अभियान के बाद पहली जुलाई को धनबाद के कई बीजेपी के दिग्गज तारापीठ के दर्शन को गए हैं.  किसी भी धार्मिक स्थल पर जाना अच्छी बात है लेकिन अगर इसके पीछे कोई खास मकसद हो तो इसकी चर्चा तो होगी ही. धनबाद के सांसद पशुपतिनाथ सिंह लगातार तीसरी बार धनबाद संसदीय क्षेत्र से सांसद हैं.

    2024 का चुनाव लड़ने के लिए उनकी सक्रियता बनी हुई है

    इस बार भी 2024 का चुनाव लड़ने के लिए उनकी सक्रियता बनी हुई है. हालांकि धनबाद संसदीय क्षेत्र से लोकसभा का चुनाव लड़ने वाले कई लोग तैयार बैठे हैं. सब के मुंह  से लार टपक रहा है .ऐसे लोगों में विधायक से लेकर पूर्व मेयर से लेकर अन्य भी शामिल हैं. फिलहाल लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उम्र के कारण हो सकता है कि इस बार पार्टी पीएन सिंह से किनारा कर ले .लेकिन सांसद पी एन सिंह की सक्रियता से इसमें संदेह हो सकता है.

    दौरे में विधायक राज सिन्हा नहीं है

    तारापीठ का दौरा इसलिए चर्चा में है कि इसमें वहीं लोग शामिल हैं, जो सांसद पीएन सिंह के करीबी बताए जाते हैं .इस दौरे में विधायक राज सिन्हा नहीं है, जबकि विधायक राज सिन्हा के विरोधी पूर्व मेयर चंद्रशेखर  अग्रवाल इस टीम में शामिल है. इसके अलावा भी अन्य कई पदाधिकारी हैं .और वह पदाधिकारी वही है जो सांसद के कट्टर समर्थक बताए जाते हैं.

    संयोग या मन टटोलने की कोशिश

    इस दौरे का मकसद सिर्फ माता रानी का दर्शन करना ही नहीं हो सकता. इसके पीछे कोई न कोई राजनीति सोच जरूर होगी. हो सकता है कि इसी दौरे के बहाने सांसद समर्थकों का मन टटोलने की कोशिश करेंगे .सवाल इसलिए उठ रहा है कि धनबाद में जब भी कोई कार्यक्रम होते हैं, उसमें सांसद के साथ विधायक राज सिन्हा मौजूद देखे जाते हैं. लेकिन इस दौरे में वह नहीं है. हो सकता है कि कोई अन्य कारण हो. लेकिन राजनीतिक पंडित इससे एक अलग चश्मे से देख रहे हैं.

    राज सिन्हा सांसद का चुनाव लड़ने की बात कहते रहे हैं

    देखने की वजह यह है कि विधायक राज सिन्हा सांसद का चुनाव लड़ने की बात कहते रहे हैं. पीएन सिंह भी कहते रहे हैं कि अगर किसी भी कार्यकर्ता को ऊपर उठने का मौका मिले तो वह क्यों छोड़ना चाहेगा. हालांकि इसके अलावा भी कई लोग धनबाद संसदीय सीट पर नजर गड़ाए हुए हैं .लेकिन सार्वजनिक तौर पर कुछ नहीं  कह रहे हैं. दो-तीन दिन पहले सांसद ने मीडिया में बयान दिया था कि दो लाख का ठेका दिला कर जयकारा लगाने वाले भी ये सोच रहे हैं कि धनबाद संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ लड़ेंगे, लेकिन ऐसा होता नहीं है.

    तारापीठ दौरे का क्या आउटकम निकल कर आता है

    पार्टी जिसे चाहेगी, उसे टिकट देगी और वही चुनाव लड़ेगा. किसी भी सीट पर उम्मीदवार के चयन की पार्टी की अपनी सोच होती है, तरीका होता है ,सर्वे होता है उसके बाद ही टिकट दिया जाता है. देखना है कि तारापीठ दौरे का क्या आउटकम निकल कर आता है.वैसे धनबाद भाजपा में इसके कई मतलब निकाले जा रहे है.

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो



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