सांसद ढुल्लू महतो का संसद में सवाल :बोकारो स्टील प्लांट की उत्पादन क्षमता 5 मिलियन टन ही क्यों ?

    सांसद ढुल्लू महतो का संसद में सवाल :बोकारो स्टील प्लांट की उत्पादन क्षमता 5 मिलियन टन ही क्यों ?
    धनबाद  के सांसद ढुल्लू  महतो ने लोकसभा में क्षेत्र के औद्योगिक विकास और रेल सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को  उठाया है.

    धनबाद(DHANBAD) | धनबाद  के सांसद ढुल्लू  महतो ने लोकसभा में क्षेत्र के औद्योगिक विकास और रेल सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को  उठाया है.  सांसद ने बोकारो स्टील प्लांट की उत्पादन क्षमता बढ़ाने और झारखंड के तालागाड़िया रेलवे स्टेशन को सैटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित करने से संबंधित विषयों पर सरकार का ध्यान आकृष्ट किया। सांसद  ने लोकसभा में अतारांकित प्रश्न के माध्यम से बोकारो स्टील प्लांट की उत्पादन क्षमता से संबंधित विषय उठाया।  उन्होंने सरकार से यह जानकारी मांगी कि बोकारो स्टील प्लांट, जिसे मूल रूप से प्रतिवर्ष 10 मिलियन टन उत्पादन क्षमता के लक्ष्य के साथ स्थापित किया गया था, वह 55 वर्षों के बाद भी लगभग 5 मिलियन टन के स्तर पर ही क्यों संचालित हो रहा है. सांसद ने यह भी जानना चाहा कि क्या सरकार को इस विषय में जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई प्रस्ताव प्राप्त हुआ है तथा बोकारो स्टील प्लांट की मौजूदा आधारभूत संरचना को देखते हुए उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में क्या कदम उठाए जा रहे हैं।? 

    उन्होंने यह भी पूछा कि राष्ट्रीय इस्पात नीति के अंतर्गत प्रस्तावित विस्तार कार्यों की वर्तमान स्थिति क्या है और इससे क्षेत्रीय विकास एवं रोजगार के अवसरों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। स्टील मंत्रालय की ओर से दिए गए उत्तर में बताया गया कि इस्पात क्षेत्र एक विनियमन-मुक्त क्षेत्र है, जिसमें उत्पादन क्षमता बढ़ाने से जुड़े निर्णय संबंधित सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा उनकी व्यावसायिक रणनीति, आधुनिकीकरण कार्यक्रम, निवेश प्राथमिकताओं और तकनीकी-आर्थिक आकलन के आधार पर लिए जाते हैं. मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (SAIL) अपनी एकीकृत इस्पात संयंत्रों में आधुनिकीकरण एवं विस्तार कार्यक्रम चरणबद्ध तरीके से लागू कर रहा है, जिसका उद्देश्य उत्पादन क्षमता में वृद्धि, उत्पाद गुणवत्ता में सुधार और दक्षता को बढ़ाना है.  

    वर्तमान में बोकारो स्टील प्लांट की कच्चे इस्पात उत्पादन क्षमता लगभग 5.25 मिलियन टन प्रति वर्ष है तथा SAIL के निदेशक मंडल द्वारा बोकारो स्टील प्लांट के लिए 2.65 मिलियन टन प्रति वर्ष की ब्राउनफील्ड विस्तार परियोजना को स्वीकृति दी गई है. सांसद  ने कहा कि बोकारो स्टील प्लांट का विस्तार न केवल झारखंड बल्कि पूरे पूर्वी भारत के औद्योगिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.  इससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। 

    सांसद  द्वारा पूर्व में लोकसभा में उठाए गए विषय के संदर्भ में रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह ने पत्र के माध्यम से जानकारी दी है कि झारखंड के तालागाड़िया रेलवे स्टेशन को सैटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है. मंत्री ने बताया कि इस प्रस्ताव के अंतर्गत यात्रियों की संख्या, यातायात के रुझान तथा स्टेशन की आय जैसे विभिन्न पहलुओं का मूल्यांकन किया जा रहा है, ताकि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्य किए जा सकें।  वर्तमान में तालागाड़िया स्टेशन पर चार ट्रेन सेवाएं उपलब्ध हैं.  इसके अतिरिक्त लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित भोजूडीह स्टेशन से आनंद विहार–पुरी नंदनकानन एक्सप्रेस के माध्यम से दिल्ली और भुवनेश्वर के लिए रेल संपर्क उपलब्ध है, जबकि भोजूडीह–महुदा–बोकारो सेक्टर में भी ट्रेन सेवाएं संचालित हैं. 

    रेल मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि भारतीय रेल में किसी स्टेशन पर ट्रेन सेवाओं का ठहराव यातायात की आवश्यकता, परिचालनिक व्यवहार्यता और अन्य तकनीकी मानकों के आधार पर निर्धारित किया जाता है. सांसद  ने कहा है  कि धनबाद एवं आसपास के क्षेत्रों में रेल सुविधाओं का विस्तार और औद्योगिक विकास उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है.  उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बोकारो स्टील प्लांट के विस्तार और तालागाड़िया स्टेशन के विकास से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि धनबाद संसदीय क्षेत्र के विकास से जुड़े प्रत्येक महत्वपूर्ण विषय को वे संसद में मजबूती के साथ उठाते रहेंगे और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे। 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो


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