मानसून सत्र के लिए झारखंड में पक्ष और विपक्ष को मिल गए हैं मुद्दे, हंगामा तय

    मानसून सत्र के लिए झारखंड में पक्ष और विपक्ष को मिल गए हैं मुद्दे, हंगामा तय

    रांची(RANCHI)- झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 28 जुलाई से शुरू हो रहा है. यह 4 अगस्त तक चलेगा. मुद्दों की भरमार है. इसलिए सदन के अंदर वह सदन के बाहर सरगर्मी बनी रहेगी. सरकार को घेरने के लिए विपक्ष के पास पर्याप्त मुद्दे हैं वहीं सत्ता पक्ष भी कई मुद्दों को लेकर विपक्ष को जवाब देने के मूड में है.

    विधायक दल की बैठक में होगा सब कुछ तय

    झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार से शुरू हो रहा है. पहले दिन कतिपय औपचारिकताओं के साथ कई काम किए जाएंगे. 27 तारीख को सत्ता पक्ष या विपक्ष के विधायकों की बैठक होने वाली है. कांग्रेस विधायकों की बैठक अलग होगी.शाम में सभी यूपी विधायकों की बैठक मुख्यमंत्री आवास में होगी.

    भाजपा विधायक दल की बैठक 27 जुलाई को शाम 7 बजे होगी. प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी के अध्यक्षता में यह बैठक होगी. सदन के अंदर क्या रणनीति होगी, इस विषय पर चर्चा होगी. विपक्ष यानी भाजपा और आजसू के पास कई ऐसे विषय हैं जिन पर सरकार को घेरा जा सकता है. भाजपा का मानना है कि इस सरकार ने अब तक के साढे तीन साल से अधिक के कार्यकाल में कुछ नहीं किया है. गठबंधन सरकार ने चुनावी वादों को भी नहीं पूरा किया. नियोजन नीति नहीं बनी, स्थानीय नीति नहीं बनी, विधि व्यवस्था की स्थिति चौपट है, ऐसे कई मामले हैं जिनको लेकर विपक्ष सदन में सरकार से जवाब मांगेगा और घेरने का प्रयास करेगा.

     सत्ता पक्ष भी विपक्ष को करारा जवाब देने की तैयारी में

    झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कई विधेयक पेश किए जाएंगे जिन विधायकों को राजभवन ने सरकार को वापस किया है, उन्हें संशोधित कर एक बार फिर से सदन में पेश कर उसे पारित कराया जाएगा. उनमें से एक मॉब लिंचिंग से जुड़ा हुआ विधायक होगा. राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन का घुसपैठिए पर आए बयान पर भी आरोप-प्रत्यारोप होना तय है. विपक्षी दल के मुख्य सचेतक बिरंची नारायण ने कहा कि सरकार सदन में आज तक विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं दे सकी है. इस बार भी वह शायद नहीं दे. कई ऐसे मुद्दे हैं,जिनको लेकर सरकार को घेरा जाएगा.

    मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने क्या कहा 

    सरकार के मंत्री मिथिलेश ठाकुर का कहना है कि हेमंत सरकार ने राज्यवासियों की आकांक्षाओं को पूरा किया है और कर रही है. विपक्ष के द्वारा 1932 का खतियान आधारित स्थानीय नीति, नियोजन नीति पर अड़ंगा प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से लगाया जाता है. विपक्ष नकारात्मक राजनीति कर रहा है. मणिपुर में महिला के साथ दरिंदगी का मामला भी सत्ता पक्ष के द्वारा उठाया जाएगा. विपक्ष के द्वारा स्थानीय नीति नियोजन नीति के अलावा भ्रष्टाचार विधि व्यवस्था की लचर स्थिति जैसे मामले उठाए जाएंगे सदन के अंदर और सदन के बाहर भी प्रदर्शन होना तय है. लेकिन इन सबके बीच हेमंत सरकार अपना सारा काम करवा लेगी. प्रथम अनुपूरक बजट भी पारित करवाया जाएगा. आधे दर्जन विधेयक आने की संभावना है.


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