चाईबासा (CHAIBASA): चारा घोटाला से चर्चित रहने वाला पश्चिमी सिंहभूम जिला एक बार फिर चर्चा में है. इस बार चारा नही, डीएमएफटी नहीं, पीएमश्री नहीं और खेलो झारखंड से नही बलकी इस केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी ई श्रम कार्ड और लेबर कार्ड योजना में बड़े पैमाने पर किए जा रहे है.अवैध वसुली को लेकर सनसनी खेज मामला का खूलासा हुआ है.
10% तक वसूली जा रही है योजना की राशि
बताया जा रहा है कि गरीब लाभुकों को मिलने वाली सरकारी सहायता राशि का विचौलियों के माध्यमों कमीशन वसुले जाने के आरोप लगे है और इस बात को लेकर उपायुक्त चंदन कुमार से सीधे शिकायत की गई है.इधर मामले को लेकर उपायुक्त चंदन कुमार के द्वारा जांच कमेटी गठन कर जांच करने का आदेश जारी कर दिया है. यदी जांच हुई तो विभाग के पदाधिकारी, बड़ा बाबु और कर्मचारी तथा कई सफेद पोश बिचौलिए फसेंगे.
ऑडियो वायरल होते ही हड़कंप
आपको बताये कि पश्चिमी सिंहभूम जिले में लेबर कार्ड (ई-श्रम कार्ड) बनाकर लाभ दिलाने की शिकायत आया सामने,पीड़िता सुप्रिया निषाद ने शोभा देवी व अन्य बिचौलियों के द्वारा अवैधd राशि वसूली करने की शिकायत जिला समाहरणालय स्थित उपायुक्त चंदन कुमार से की है. पत्र में कहा है कि दिनांक 30 मार्च को मुझे लेबर कार्ड के द्वारा सिलाई मशीन खरीदने के लिए 7000 रुपये की राशि का लाभ प्राप्त हुआ है. इस पर बिचौलिया शोभा देवी ने मुझे फोन करके परेशान कर रही है और मुझे से अवैध वसूली 1500 रु. की रात्रि का मांग की.जब में पैसे देने से इनकार की तो उसने मुझे अधिकारियों द्वारा मेरा लेबर कार्ड बंद करवा देने की धमकी भी दी.
बिचौलियों लाभ को कर रहे है परेशान
पीड़ित ने कहा कि जिले में बिचौलियों के द्वारा गरीबों से बड़े स्तर पर अवैध राशि वसूली कर रही जिसका जांच के बाद अवैध राशि लेनदेन की बड़ी जानकारी सामने आएगी, पिड़िता ने जिला दंडाधिकारी सह् उपयुक्त चंदन कुमार से कड़ी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है. पैसा मांगे जाने मामले में एक इंटरनेट में ऑडियो भी वायरल हुआ है जिसमें शोभा देवी ने कहा है कि हेमराज से पूछ लीजिए अधिकारियों को देना पड़ता है पैसा.इधर मामले को देखते हुए जिला श्रम अधीक्षक ने कहा है की शिकायत की जानकारी आई है जांच के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी सत्य पाए जाने पर कठोर कार्रवाई होगी.
सदर प्रखंड, चक्रधरपुर मनोहरपुर, सोनुका नोवामुंडी जगन्नाथपुर, कुमारडुंगी, मझगांव और मंझारी सहित कई क्षेत्रों में विचौलियों के माध्यम से ई-श्रमकार्ड बनवाकर लाभुकों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाता है और बाद में उनके खाते में राशि आते ही कमीशन वसूला जाता है.
रिपोर्ट-संतोष वर्मा
Thenewspost - Jharkhand
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