जामताड़ा (JAMTARA): जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र के तारासठिया गांव में साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम को ग्रामीणों के उग्र विरोध का सामना करना पड़ा. हालात ऐसे बने कि पुलिस को बिना किसी गिरफ्तारी के ही वापस लौटना पड़ा.
जानकारी के अनुसार, जामताड़ा साइबर थाना की विशेष टीम सब-इंस्पेक्टर हीरालाल महतो के नेतृत्व में गुप्त सूचना के आधार पर गांव पहुंची थी. पुलिस का लक्ष्य एक संदिग्ध साइबर अपराधी को पकड़ना था. जैसे ही टीम ने कार्रवाई शुरू की, मुस्ताक अंसारी के नेतृत्व में करीब 50 से 60 लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई.
भीड़ में शामिल महिला और पुरुषों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए टीम को घेर लिया और हंगामा शुरू कर दिया. स्थिति धीरे-धीरे तनावपूर्ण होती गई और पुलिस व ग्रामीणों के बीच तीखी बहस भी हुई. पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ का आक्रोश कम होने के बजाय और बढ़ता गया.
माहौल बिगड़ता देख और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस टीम ने पीछे हटना ही उचित समझा और बिना गिरफ्तारी के गांव से लौट गई. इस घटना को पुलिस ने गंभीरता से लिया है.
मामले में एसआई हीरालाल महतो ने नारायणपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने कांड संख्या 33/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुस्ताक अंसारी को नामजद आरोपी बनाया है, जबकि कई अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपित किया गया है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है.
Thenewspost - Jharkhand
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