झारखंड में सुखाड़ की स्थिति , सरकार को उम्मीद मनरेगा से मिलेगा रोजगार

    झारखंड में सुखाड़ की  स्थिति , सरकार को उम्मीद मनरेगा  से मिलेगा रोजगार

    रांची(RANCHI):  झारखंड में बेशक इधर से कुछ अच्छी बारिश हुई है लेकिन स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. सूखे के कारण किसान बेहाल हैं.बहुत सारे ऐसे जिले हैं जहां पर धान की बोआई नहीं हो पाई है. ऐसे में ग्रामीण इलाकों में किसान और मजदूरों को आजीविका में परेशानी आ सकती है. सरकार ऐसी परिस्थिति में राहत पैकेज तय करने के अलावे ग्रामीण इलाकों में रोजगार सृजन के लिए मनरेगा योजना को एक सहारा मान रही है.

    ग्रामीण विकास विभाग के सचिव मनीष रंजन ने कहा है कि मनरेगा योजना को और कार्यशील बनाने की जरूरत है ताकि रोजगार की चाहत रखने वाले ग्रामीण मजदूरों को वैकल्पिक रोजगार का अवसर मिल सके और उनकी आजीविका चल सके. ग्रामीण विकास विभाग ने सभी जिलों के उप विकास आयुक्तों को निर्देश दिया है कि सूखे की स्थिति में रोजगार के मद्देनजर मनरेगा उपयुक्त योजना है. इससे लोगों को जोड़ा जाना चाहिए. मोटे तौर पर यह देखा जा रहा है कि लगभग चार लाख लोग इस योजना से नियमित रूप से जुड़े हुए हैं. कोरोना महामारी के दौरान यह योजना लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में काफी सफल साबित हुई थी. इधर मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी ने सभी जिलों के संबंधित अधिकारियों को योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने और मजदूरी के भुगतान की व्यवस्था सुव्यवस्थित करने का निर्देश दिया है.



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