ईश्वर करे - प्रयागराज कुंभ भगदड़ में परिवार से बिछड़े सभी को झारखंड की  संगीता जैसा "भगवान " मिल जाए !

    ईश्वर करे - प्रयागराज कुंभ भगदड़ में परिवार से बिछड़े सभी को झारखंड की  संगीता जैसा "भगवान " मिल जाए !

    धनबाद(DHANBAD): झारखंड की इस महिला को देखिये, जिस शहर में उसको जानने-पहचानने वाला कोई नहीं था, लेकिन उसे उसी की शहर की संगीता देवी मिल गई. कुंभ हादसे में लापता लोगों के परिजनों को यह खबर जरूर थोड़ी हिम्मत देगी. उनका भरोसा जागेगा कि उनके परिजन भी मिल जाएंगे. दरअसल, झारखंड के पोटका की रहने वाली गीता देवी संगम नोज में हुई भगदड़ में परिजनों से बिछड़ गई थी. गीता देवी के परिजन प्रयागराज में उन्हें ढूंढ ही रहे थे कि  जुगसलाई  की संगीता देवी उसके लिए   "भगवान" बनकर सामने आई. संगीता देवी उसे अपने साथ लेकर जमशेदपुर पहुंच गई. गीता देवी के मिल जाने से पूरा परिवार खुश है. गीता देवी आंखों में आंसू लिए बताती है कि कुंभ मेला में 29 जनवरी को देर रात को अपने परिजनों के साथ संगम तट पर बैठी थी. इसी दौरान भगदड़ मच गई और वह भटक गई.

    नए शहर में ना तो वह किसी को पहचान रही थी और न हीं उसके पास पैसे थे

    एक नए शहर में ना तो वह किसी को पहचान रही थी और न हीं उसके पास पैसे थे. वह इधर-उधर भटक रही थी. रो रही थी, बिलख रही थी. इसी दौरान  एक होटल के समीप संगीता देवी और सुरेंद्र चौधरी ने उसे देखा. गीता देवी से उनकी परेशानी पूछा और हर संभव मदद का भरोसा दिया. फिर तो उसके मन में  नई उम्मीद जग गई. गीता देवी को मदद कर जमशेदपुर लाने वाली संगीता देवी ने बताया कि भगदड़ के बाद संगम तट की स्थिति भयावह  थी. कई लोग अपने परिजनों से बिछड़ कर रो रहे थे. इसी दौरान दूसरे दिन होटल में खाना खाने के दौरान उनकी नजर गीता पर पड़ी. उसने जमशेदपुर का पता बताया, फिर तो उन्होंने फर्ज निभाने की ठान ली और ट्रेन से बनारस लेकर आए और उसके बाद बक्सर से जमशेदपुर के ट्रेन में सवार होकर टाटानगर पहुंचे.  

    गीता देवी जमशेदपुर पहुंच गई और उसके परिजन प्रयागराज में खोज रहे थे 

    इधर, कुंभ मेला में भगदड़ में लापता महिला गीता देवी तो संगीता देवी की मदद से जमशेदपुर पहुंच गई पर उसको खोजने प्रयागराज गए उनके परिजन अभी भी प्रयागराज में ही है. गीता देवी अपने पति, पुत्र एवं सास के साथ प्रयागराज गई थी. मेला में गुम होने के बाद गीता देवी का बड़ा पुत्र दीपक हेंब्रम शुक्रवार शाम को अपने तीन दोस्तों के साथ प्रयागराज पंहुचा. जबकि उसकी मां संगीता देवी की मदद से जमशेदपुर पहुंच गई है. फोन के माध्यम से परिजनों को जमशेदपुर पहुंचने की सूचना दे दी गई है. अभी भी झारखंड सहित अन्य जगहो  के कई लोग लापता है. उनकी खोज में परिजन परेशान है. जो लोग इस भगदड़ से बचकर अपने घर पहुंच गए हैं, वह ईश्वर का धन्यवाद कर रहे है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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