हजारीबाग: जिले की उरीमारी ओपी क्षेत्र में पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है. इस दौरान उनके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया गया है.
गुप्त सूचना पर कार्रवाई, नाकाम हुई बड़ी साजिश
पुलिस को 21 मार्च को गुप्त सूचना मिली थी कि उरीमारी ओपी क्षेत्र के कोलियरी इलाके में टीएसपीसी के उग्रवादी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं. सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया.
छापेमारी के दौरान ग्राम आसवा और गुडकुवा के पास पुलिस को उरेज गांव की ओर से आ रही एक संदिग्ध सफेद बोलेरो गाड़ी दिखाई दी. पुलिस को देखते ही चालक ने भागने की कोशिश की, लेकिन पीछा करने पर गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पुल और पेड़ से टकरा गई. इसके बाद वाहन में सवार सभी लोग भागने लगे, जिन्हें पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया.
हथियार और गोला-बारूद की बड़ी बरामदगी
गिरफ्तार उग्रवादियों के पास से पुलिस ने निम्नलिखित सामान बरामद किया:
- 2 इंसास राइफल (5.56 एमएम)
- 90 जिंदा कारतूस (5.56 एमएम)
- 37 जिंदा कारतूस (7.62 एमएम)
- 26 जिंदा कारतूस (7.65 एमएम)
- 21 जिंदा कारतूस (9 एमएम)
- 1 देशी पिस्टल
- 1 बोलेरो वाहन
- 7 मोबाइल फोन
गिरफ्तार उग्रवादियों की पहचान
पकड़े गए सभी उग्रवादी और जिले के रहने वाले हैं. इनमें सुनिल मुण्डा, विरेन्द्र मुण्डा, सुरेन्द्र मुण्डा, लालमोहन मुण्डा, अनिल मुण्डा, रविन्द्र गंझू उर्फ रिंकु, सत्येन्द्र गंझू उर्फ सन्दु और संजय मुण्डा शामिल हैं.
बड़े उग्रवादी नेताओं से जुड़े तार
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि सभी आरोपी टीएसपीसी के जोनल कमांडर भीखन गंझू और सब-जोनल कमांडर दिनेश उर्फ रवि राम के संपर्क में थे. ये उग्रवादी क्षेत्र में लेवी वसूली, धमकी और दहशत फैलाने जैसी गतिविधियों में शामिल थे.
इनकी संलिप्तता 12 फरवरी 2026 को के सरैया इलाके में हुई फायरिंग की घटना में भी सामने आई है, जहां ऑटोमेटिक हथियारों से 24 से अधिक राउंड फायरिंग की गई थी.
छापेमारी दल में शामिल अधिकारी
इस सफल ऑपरेशन में गिद्दी, उरीमारी, लोहसिंहना और पेलावल थाना/ओपी के प्रभारी समेत तकनीकी एवं नक्सल शाखा की टीम शामिल रही. पुलिस अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई और रणनीति के चलते यह सफलता हासिल हुई.
क्षेत्र में बढ़ी सुरक्षा की भावना
पुलिस की इस कार्रवाई से एक बड़ी आपराधिक घटना को टाल दिया गया. फिलहाल गिरफ्तार उग्रवादियों से पूछताछ जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि इससे और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं. इस ऑपरेशन से क्षेत्र में उग्रवादियों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत हुआ है.
Thenewspost - Jharkhand
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