किस्मत ने पलट दी बाजी: चुनाव के ठीक पहले पार्टी ज्वाइन की, कड़े संघर्ष में केवल 736 वोट से चुनाव जीते और बन गए नंबर दो हैसियत के मंत्री!

    किस्मत ने पलट दी बाजी: चुनाव के ठीक पहले पार्टी ज्वाइन की, कड़े संघर्ष में केवल 736 वोट से चुनाव जीते और बन गए नंबर दो हैसियत के मंत्री!

    धनबाद(DHANBAD): विधानसभा चुनाव के ठीक पहले कांग्रेस पार्टी को ज्वाइन किया. रिजर्व सीट छतरपुर से कांग्रेस से टिकट मिला. केवल 736 वोट से   चुनाव जीते और हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल में सबसे बुजुर्ग मंत्री बन गए. किस्मत ने सिर्फ इतना ही साथ नहीं दिया, बल्कि इसके आगे कांग्रेस आला कमान ने उन्हें नंबर दो का मंत्री बनाने की अनुशंसा भी कर दी. अनुशंसा की गई थी कि उन्हें वित्त, योजना एवं विकास, वाणिज्य कर एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री बनाया जाए. कुछ ऐसे साथ दिया मंत्री बने राधा कृष्ण किशोर की किस्मत ने. वैसे, इसको लेकर कुछ नाराजगी भी है. लेकिन अब तो सब कुछ फाइनल हो गया है. इस बीच यह भी चर्चा तेज है कि गुरुवार को शपथ लेने के बाद विभागों के बंटवारे की पूरी तैयारी थी. लेकिन इस बीच एक पत्र लीक कर गया और उसका असर इतना अधिक हुआ कि विभागों का बंटवारा रोक दिया गया.

    जानकारी के अनुसार गुरुवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कांग्रेस पार्टी के मंत्रियों के विभागों के लिए अनुशंसा पत्र भेजा. यह पत्र लीक कर गया. पत्र में यह भी कहा गया था कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इसका अनुमोदन कर दिया है. इस पत्र की प्रति कांग्रेस के नेताओं को भेजी गई थी.इस बीच यह पत्र वायरल हो गया. इससे कांग्रेस में विवाद शुरू हो गया. इसके बाद तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विभागों के बंटवारा को रोक दिया और इसे फिलहाल टाल दिया गया. हो सकता है कि शुक्रवार को विभागों का बंटवारा हो जाए.

    क्या रिकमेंडेशन के आधार कांग्रेस कोटे के मंत्रियों को मिलेगा विभाग 

    राष्ट्रीय संगठन महासचिव ने कांग्रेस कोटे के मंत्रियों के लिए जो रिकमेंडेशन दिया था. उसमें राधा कृष्ण किशोर को वित्त, योजना एवं विकास, वाणिज्य कर,  खाद आपूर्ति मंत्रालय देने की बात थी. वहीं दीपिका पांडे सिंह को स्वास्थ्य चिकित्सा, शिक्षा एवं परिवार कल्याण एवं संसदीय कार्य विभाग देने की अनुशंसा की गई थी. डॉक्टर इरफान अंसारी को ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज्य विभाग देने की बात कही गई थी. वहीं शिल्पी नेहा तिर्की को कृषि, पशुपालन सहकारिता एवं आपदा प्रबंधन विभाग देने की अनुशंसा की गई थी. यह अलग बात है कि यह सभी विभाग पिछली सरकार में कांग्रेस कोटे के मंत्रियों के पास थे. लेकिन पत्र लीक ने बखेड़ा खड़ा कर दिया और विभागों का बंटवारा रोक दिया गया. यहां यह कहना भी गलत नहीं होगा कि मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा मुख्यमंत्री के अधिकार क्षेत्र में आता है. मुख्यमंत्री जिस मंत्री को चाहे, वह विभाग दे सकते हैं. अब पत्र लीक के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि रिकमेंडेशन के आधार पर ही कांग्रेस कोटे के मंत्रियों को विभाग मिलता है अथवा उसमें कोई बदलाव किया जाता है.

    जनता की हर समस्या का समाधान करना गठबंधन का कर्तव्य:  गुलाम अहमद मीर 

    इधर, रांची में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने कहा है कि जनता ने गठबंधन को 5 साल के लिए जनादेश दिया है. अब हम सबकी जिम्मेवारी है कि जनता को हमने जो एजेंडा दिया था. उस पर हम 5 साल तक काम कर एक मॉडल पेश करें. उन्होंने कहा कि जनता की हर समस्या का समाधान करना गठबंधन का कर्तव्य है. देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस, झामुमो और राजद के कोटे से बने मंत्रियों को आज कौन-कौन से विभाग मिलते हैं.

    रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो


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