झारखंड  में लूट तंत्र : क्या अलग राज्य आंदोलनकारियों ने इसीलिए की थी त्याग और तपस्या 

    झारखंड  में लूट तंत्र : क्या अलग राज्य आंदोलनकारियों ने इसीलिए की थी त्याग और तपस्या

    धनबाद(DHANBAD): पूजा सिंघल, वीरेंद्र राम   और अब छवि रंजन, मतलब झारखंड के अधिकारी प्रदेश को और कितना लूटेंगे ,कुछ भी छोड़ेंगे की भी नहीं, यह एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है.  झारखंड अलग राज्य के आंदोलनकारी क्या अब अपनी त्याग और तपस्या पर पछता रहे होंगे.  अलग राज्य आंदोलन के नायक दिशोम  गुरु शिबू सोरेन की आंखों के सामने ही झारखंड में 'लूट तंत्र' काम कर रहा है.  यह बात भी सही है कि यह 'लूट तंत्र' सिर्फ फिलहाल के साढ़े तीन  साल के सरकार में नहीं काम कर रहा है.  इसके पहले की  सरकारों ने भी  ऐसा ही बहुत  कुछ किया है.  राजनीति की प्रयोगशाला कहे  जाने वाला झारखंड में तो निर्दलीय विधायक भी मुख्यमंत्री बन सकते  है.  यह अलग बात है कि उस समय भी 'लूट तंत्र'  के इतिहास को ऊंचाई से छूने की कोशिश की गई.

    जहां हाथ डालिये ,वही मिल रही गड़बड़ी 
     
     फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय जहां हाथ डाल रहा है, वहां ही उसे गड़बड़ी  मिल जा रही है.  पूजा सिंघल, वीरेंद्र  राम, छवि रंजन के मामले फिलहाल सामने है.  संथाल परगना में चल रही जांच की बात अभी नहीं की जा रही है.  यह तो अलग ही कहानी हो सकती है.  ईडी की  जांच में तरह-तरह के खुलासे हो रहे है. यह खुलासा चौंकाने वाला भी है और आश्चर्य में डालने वाला भी.  आखिर पैसे के लिए पढ़े-लिखे अधिकारी अपनी प्रतिष्ठा, अपनी नौकरी, परिवार की बदनामी किस तरह दांव पर लगाकर रुपए कमाए है.  चर्चा है कि छवि रंजन के जमशेदपुर के कदमा स्थित आवास से भारी-भरकम नगदी बरामद हुई है.  पलंग के बॉक्स और दीवारों में बनी अलमीरा में नगद नोट सजाकर रखे हुए थे.  यह बात अलग है कि इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.  

    सात हुए है गिरफ्तार और कई हो सकते हैं  

    ईडी के अधिकारियों ने गुरुवार को शुरू की गई छापेमारी में कम से कम 7 लोगों को गिरफ्तार किया है.  कई लोग अरेस्टिंग के कतार में है.  कई और लोगों से पूछताछ हो सकती है.  इस बीच निर्दलीय विधायक सरयू  राय ने आईएएस अधिकारी के ठिकानों पर  छापे को लेक ट्वीट किया है और कहा है कि रांची में सेना की जमीन सहित भू खंड  की अवैध बिक्री, जमाबंदी घोटाले में जांच चल रही है.  छापेमारी की आंच  सत्ताधारी नेताओं तक पहुंचना निश्चित है.  छापेमारी को लेकर पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने कहां है कि जमीन घोटाले में छवि रंजन की भूमिका को लेकर रांची के तत्कालीन कमिश्नर ने जांच रिपोर्ट दी थी.  लेकिन सीएम रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं कर रहे है.  उन्होंने छवि  रंजन को निलंबित कर केस दर्ज करने की मांग की है.  मरांडी ने कटाक्ष करते हुए कहा है कि सीएम खुद के फंसने तक शायद इंतजार करेंगे.   न जाने कितने राज दार  को बचाने का प्रयास किया जाएगा, इधर ,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि हेमंत सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है.  अधिकारियों के घर से अवैध संपत्ति के दस्तावेज मिल रहे है.  राज्य सरकार के दागी अधिकारियों पर भी ईडी को नजर रखनी चाहिए. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 



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