शक्की पति के हाथो मारी गई इसकी किस्मत देखिये ! अंतिम यात्रा के लिए न चार कंधा  मिला और न मुखाग्नि, कलप रहे है बच्चे !

    शक्की पति के हाथो मारी गई इसकी किस्मत देखिये ! अंतिम यात्रा के लिए न चार कंधा  मिला और न मुखाग्नि, कलप रहे है बच्चे !

    धनबाद (DHANBAD) : शक्की पति के हाथों मारी गई राजगंज की लक्ष्मी देवी को अंतिम यात्रा पर जाने के लिए ना तो कंधा मिला और नहीं उसे मुखाग्नि दी गई. छोटे-छोटे बच्चे भी मां का अंतिम दर्शन नहीं कर सके. पुलिस ने जमीन खोदकर उसकी लाश को निकाली थी, फिर उसे दफना ही दिया गया. दरअसल, रविवार को पोस्टमार्टम के बाद मृतका के शव  को पुलिस ने ससुराल भेजा. लेकिन वहां कोई व्यवस्था नहीं थी. परिवार वालों के साथ शव को हटिया स्थित श्मशान घाट ले जाया गया. वहां ससुर विनोद पंडित, चाचा ईश्वर प्रजापति, चचेरे भाई संदीप प्रजापति थे. लेकिन कोई व्यवस्था नहीं थी. यह देख चाचा  वहां से चले गए. कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शव  को दफनाने में सहयोग किया. जेसीबी से गड्ढा खोदकर शव  को दफना दिया गया. 

    मृतिका के चाचा ईश्वर प्रजापति की शिकायत पर दर्ज हुआ है मुक़दमा 

    इस संबंध में मृतिका के चाचा ईश्वर प्रजापति की शिकायत पर राजगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोपी पति मनबोध पंडित को रविवार को जेल भेज दिया गया. मृतिका के दो बच्चो का नसीब भी देखिये. मृतिका लक्ष्मी देवी के पुत्र और पुत्री अपनी मां का अंतिम दर्शन तक नहीं कर सके. मृतका के दोनों बच्चे अपनी मौसी के पास चंद्रपुरा में है. बता दें कि पति पर शक का भूत इस कदर सवार हुआ था कि उसने पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी. हत्या करने के बाद वह पत्नी के शव को कंधे पर उठाया और घर से 500 मीटर दूर जंगल पहुंच गया. फिर गड्ढा खोदकर शव को गाड़  दिया और घर लौट आया. फिर उसने इसकी सूचना ससुराल वालों को दी. राजगंज थाना क्षेत्र के कानाटांड़ गांव के रहने वाले मनबोध पंडित ने गला घोटकर पत्नी लक्ष्मी देवी की हत्या कर दी और उसके बाद शव को दफना दिया. 

    लक्ष्मी के मायके वाले पहुंचे तो कांड पर से पर्दा हटा 

    सूचना पर लक्ष्मी के मायके वाले पहुंचे और हंगामा किया. उसके बाद पुलिस सक्रिय हुई, पुलिस बिना विलंब किए गांव पहुंची और आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया. उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और बताया कि लाश को कहां ठिकाने लगाया है. फिर उसकी निशानदेही पर पुलिस पहुंची और  शव को गड्ढे से बाहर निकाला. मनबोध को शक था कि उसकी पत्नी लक्ष्मी देवी का किसी से प्रेम प्रसंग है. इस वजह से दोनों में विवाद भी होता था. पति बाहर कही काम करता है और पहली मई को घर आया था. लक्ष्मी देवी का मायका चंद्रपुरा में है. वह स्वर्गीय उत्तम पंडित और स्वर्गीय उषा देवी की बेटी थी. पांच बहनों में वह दूसरे नंबर पर थी. 8 साल पहले विनोद कुमार के पुत्र मनबोध से उसकी शादी हुई थी. मृतिका  का एक पुत्र और एक पुत्री है.

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो  


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