शराब घोटाला: ACB के समन के बाद भी नहीं पहुंच रहा कारोबारी विनय सिंह का बेटा, एक बार फिर से समन भेजने की तैयारी


रांची (RANCHI): झारखंड के चर्चित शराब घोटाले और आय से अधिक संपत्ति (डीए) मामले में मुख्य आरोपी विनय सिंह की परेशानियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की ओर से की जा रही कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी का जांच में सहयोग न करना और अहम जानकारियों से बचने की कोशिश करना अब उसके लिए और मुश्किलें खड़ी कर रहा है.
एसीबी अधिकारियों के अनुसार हाल की पूछताछ में जब विनय सिंह के सामने संदिग्ध बैंक खातों, बड़े लेनदेन और कथित बेनामी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज रखे गए, तो वह स्पष्ट जवाब देने से बचता नजर आया. करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन को लेकर पूछे गए सवालों पर आरोपी बार-बार यही कहता रहा कि उसे बैंक से जुड़ी जानकारियां और लेनदेन की जानकारी याद नहीं है.
जांच के दौरान निवेश के स्रोतों पर सवाल उठने पर विनय सिंह ने जिम्मेदारी लेने के बजाय अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट और वकील का नाम लेकर पल्ला झाड़ लिया. उसका कहना था कि वह कानूनी सलाह के बिना किसी भी तरह का बयान देने की स्थिति में नहीं है.
एसीबी इस रवैये को जानबूझकर समय खींचने और जांच को प्रभावित करने की रणनीति के तौर पर देख रही है. इस बीच, मामले की जांच का दायरा अब आरोपी के परिवार तक फैलता नजर आ रहा है. एजेंसी को संदेह है कि शराब घोटाले से हासिल अवैध धन का बड़ा हिस्सा विनय सिंह के बेटे के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों में लगाया गया है.
एसीबी ने बेटे को अब तक दो बार समन भेजा है, लेकिन वह पूछताछ के लिए पेश नहीं हुआ. यदि तीसरी बार भी वह अनुपस्थित रहता है, तो एजेंसी गैर-जमानती वारंट जारी कराने के लिए अदालत का रुख कर सकती है. वहीं, विनय सिंह की पत्नी स्निग्धा सिंह की तलाश भी तेज कर दी गई है.
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