आदिवासियों पर लाठीचार्ज के विरोध में कोल्हान बंद, सड़कों पर उतरे बंद समर्थक, बंद कराए दुकान, बसों का आवागमन पूरी तरह बाधित

    आदिवासियों पर लाठीचार्ज के विरोध में कोल्हान बंद, सड़कों पर उतरे बंद समर्थक, बंद कराए दुकान, बसों का आवागमन पूरी तरह बाधित

    चाईबासा (CHAIBASA) : नो-एंट्री लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों पर पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को राजनीतिक हलचल तेज हो गई. पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा नेता चम्पाई सोरेन ने बुधवार को कोल्हान बंद का आह्वान किया था. इसी के समर्थन में भाजपा कार्यकर्ताओं ने चाईबासा पोस्ट आफिस चौक पर पुलिस प्रशासन का पुतला दहन किया और सरकार पर तीखा हमला बोला. बुधवार को सुबह से ही सड़क जाम किया जा रहा है. ज्ञात हो की पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने कुजू गांव में ग्रामीणों और संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर घटना की निंदा की और गिरफ्तार 17 ग्रामीणों से मिलने चाईबासा की ओर रवाना हुए. हालांकि, जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कुजू नदी पुल पर बैरिकेडिंग कर उनके जाने से रोक दिया. चाईबासा शहर में बंद को सफल बनाने के लिए भाजपा कार्यकर्ता सुबह से ही सड़कों पर उतर आए. ताम्बो चौक, सदर बाजार, बस स्टैंड और शहीद पार्क इलाके में कार्यकर्ताओं ने दुकानों को बंद कराया. सुबह खुले पेट्रोल पंप और अन्य प्रतिष्ठान भी बाद में बंद कराए गए.

    चक्रधरपुर में बंद का मिला-जुला असर रहा. पवन चौक और मेन रोड की कई दुकानें बंद रहीं, जबकि कुछ स्थानों पर बाजार खुले दिखाई दिए. इस दौरान लंबी दूरी की बस सेवाएं पूरी तरह से ठप रहीं. वहीं, सोनुवा में बंद का व्यापक असर देखा गया. भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क पर टायर जलाकर चक्रधरपुर–राउरकेला (एनएच-320डी) मार्ग को जाम कर दिया. इलाके की सभी दुकानें और प्रतिष्ठान बंद रहे तथा सड़कों पर भारी वाहनों और बसों का आवागमन पूरी तरह बाधित रहा. इसी तरह जगन्नाथपुर, मनोहरपुर और आनंदपुर में भी बंद का असर देखने को मिला. हालांकि, अब तक किसी भी स्थान से हिंसा या झड़प की कोई सूचना नहीं मिली है. पुलिस प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है.

    पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा भी शामिल थे. उन्होंने कहा कि निर्दोष ग्रामीणों पर लाठीचार्ज प्रशासन की नाकामी है. भाजपा ने चेतावनी दी कि दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा.

    बता दें कि चाईबास के तांबा चौक के पास नो इंट्री की मांग को लेकर स्थानीय आदिवासी धरना दे रहे थे. इसी बीच देर रात भारी संख्या में पुलिस बल के जवान पहुंचे और उन्हे हटाने की कोशिश करने लगे. लेकिन इस बीच ही नोक झोंक शुरू हो गई.बात इतनी बढ़ी की अब लाठी चार्ज और आँसू गैस छोड़ने की नौबत आ गई. मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए सवाल पूछा है. चंपाई सोरेन ने कहा कि झारखंड में आदिवासियों को पीटने की परंपरा कब से शुरू हो गई. तथाकथित अबुआ सरकार की पुलिस ने आदिवासियों को रात के अंधेरे में पीटने का काम किया है. जिसके खिलाफ अब लड़ाई मजबूत की जाएगी.

    रिपोर्ट-संतोष वर्मा


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