धनबाद में हेमंत सोरेन ने कहा- झारखंड का बकाया एक लाख 36 हज़ार करोड़ मिला होता तो लोग गरीबी का दंश नहीं झेलते

    धनबाद में हेमंत सोरेन ने कहा- झारखंड का बकाया एक लाख 36 हज़ार करोड़ मिला होता तो लोग गरीबी का दंश नहीं झेलते

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK): सूबे के सीएम हेमंत सोरेन आज धनबाद गए थे. उनका यह दौरा दो साल बाद हुआ. वो एक सरकारी आयोजन में शरीक हुए. कई योजनाओं का उद्घाटन- शिलान्यास किया, लाभुकों के बीच परिसंपत्तियां बांटी, तो युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे. मौके पर उन्होंने कहा कि राज्य के हर वर्ग और तबके के हितों को ध्यान में रखकर सरकार विभिन्न योजनाएं बना रही हैं. योजनाओं का लाभ कैसे लोगों को मिले, इसके लिए लगातार कार्ययोजना बन रही है. हम कागज-कलम पर योजनाओं को नहीं बनाते हैं, बल्कि उसे धरातल पर उतारने का काम करते हैं. कहा कि लोगों का दुःख-,दर्द और समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. अगर झारखंड का बकाया एक लाख 36 हज़ार करोड़ मिला होता तो लोग गरीबी का दंश नहीं झेलते. मौके पर सरकारी योजनाओं से संबंधित स्मारिका 'नई पहल-नई सोच" का विमोचन भी किया गया.

    मौके पर मंत्री बन्ना गुप्ता,  विधायकमथुरा प्रसाद महतो और पूर्णिमा नीरज सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह, विधायक इंद्रजीत महथा की धर्मपत्नी तारा देवी और मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे के अलावा उपायुक्त एवं वरीय पुलिस अधीक्षक सहित जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद थे.

    लापरवाह अधिकारी बख्शे नहीं जाएंगे

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की 80 प्रतिशत आबादी ग्रामीण परिवेश की है. इनमें किसानों और पशुपालकों की संख्या सबसे ज्यादा है. इनकी आय में बढ़ोतरी के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है. हमारा प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है , ताकि  राज्य को विकास की राह पर तेजी से आगे ले जा सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति को भी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है. आपके दरवाजे पर आकर सरकार आपको हक और अधिकार दे रही है. आप का भी दायित्व बनता है कि प्रखंड कार्यालय एवं अन्य संबंधित कार्यालय में जाकर योजनाओं की जानकारी लें और उससे जुड़े. आपको आपका अधिकार देने में जो अधिकारी लापरवाही बरतेंगे, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

     नियुक्तियों का शुरू हो चुका है दौर

     मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नियुक्तियों का दौर शुरू हो चुका है. खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है. 32 सालों के बाद कृषि पदाधिकारियों की नियुक्ति हुई है, जो किसानों को आधुनिक तकनीक से खेती करने में सहयोग करेंगे. वहीं स्वरोजगार के लिए मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत 50 हज़ार रुपए से लेकर 25 लाख तक का अनुदान आधारित ऋण दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने यूनिवर्सल पेंशन स्कीम, मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, मुख्यमंत्री सुकन्या योजना, फूलो -झानोआशीर्वाद योजना , ग्रीन कार्ड योजना और सोना -सोबरन धोती साड़ी वितरण जैसी कई योजनाओं की जानकारी लोगों को दी और इससे जुड़ने को कहा.

    धनबाद आंदोलनकारियों की धरती, विस्थापन का होगा हल

    मुख्यमंत्री ने कहा कि धनबाद की धरती आंदोलनकारियों और संघर्ष करने वालों की है. वे कई वर्षों से अपने हक और अधिकार के लिए संघर्ष करते आ रहे हैं. इनकी समस्याओं का कैसे समाधान हो, इस दिशा में सरकार पूरी तत्परता के साथ चिंतन -मंथन कर रही है और बहुत जल्द इसका सकारात्मक  नतीजा देखने को मिलेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि धनबाद अपनी खनिज संपदा के लिए देश -दुनिया में जाना जाता है। लेकिन, यहां के मजदूर कई समस्याओं से घिरे रहे हैं । विस्थापन यहां की सबसे बड़ी चुनौती रही है । अगर पहले की सरकारें इसका समाधान करती रहती तो यह विकराल रूप निर्धारण नहीं करती । लेकिन,  हमारी सरकार सुनियोजित और योजनाबद्ध तरीके से समाधान करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

     

    106 योजनाओं की सौगात, 118 की रखी गई आधारशिला

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद से ही राज्य का केंद्र सरकार पर लगभग एक लाख 36 हजार करोड़ रुपया बकाया है. अगर यह बकाया मिल जाता तो विस्थापितों को सारी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में कोई कठिनाई नहीं आती. इस दिशा में हम लगातार प्रयास कर रहे हैं. इतना ही नहीं कोल कंपनियों द्वारा यहां जिन खदानों से कोयला निकाला जा चुका ह, उसे भी वापस नहीं किया गया है. अगर यह जमीन हमें वापस की जाय तो हम इसे रैयतों को वापस कर देंगे, ताकि इसका सदुपयोग हो सके. मुख्यमंत्री ने लगभग 350. 86 करोड़ रुपए की 118 योजनाओं का शिलान्यास और 161.28 करोड़ रुपए की 106 योजनाओं का उद्घाटन किया. वही,  कौशल विकास मिशन के तहत  प्रशिक्षित 172 युवक - युवतियों समेत 175 नवनियुक्त कर्मियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया.

    लाभुकों को इन महत्वपूर्ण योजनाओं का मिला लाभ

    मुख्यमंत्री ने 20,146 लाभुकों के बीच करीब 97.45 करोड़ रुपए की परिसंपत्तियों का वितरण किया. इसमें महत्वपूर्ण रूप से 3665 लाभुकों के बीच 16.98 करोड़ रूपए का एमटीएस कोल्ड रूम,  मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना के अंतर्गत 194 लोगों को लगभग 5.18 करोड़ रुपए की सहायता राशि, 602 लोगों के बीच पीएमईजीपी ,एजुकेशन केसीसी और हाउसिंग लोन के रूप में करीब 9.39 करोड़ रुपए, एनआरएलएम के अंतर्गत चक्रीय निधि, सामुदायिक निवेश निधि और कैश क्रेडिट लिंकेज के रूप में 5361 स्वयं सहायता समूहों 30.65 करोड़ रुपए, प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के 3100 लाभुकों के बीच 37.20 करोड़ रूपए, प्रधानमंत्री आवास योजना- शहर के 487 लाभुकों के बीच  10.95 करोड़ रूपए  की राशि / परिसंपत्ति वितरित की गई. इसके अलावा लाभुकों को सोना सोबरन धोती साड़ी वितरण योजना, मुख्यमंत्री पशुधन योजना, यूनिवर्सल पेंशन स्कीम, मुख्यमंत्री सुकन्या योजना और ग्रीन कार्ड समेत कई और योजनाओं का लाभ दिया गया.

     

     

     


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