धनबाद(DHANBAD): केशव महतो कमलेश जी और आदित्य साहू जी देखिए -कोयलांचल में आपकी पार्टी का क्या हाल है. कैसे "पावर' की लड़ाई छिड़ी हुई है. दूसरे दलों पर राजनीति हमले के बजाय "खुद" से लड़ने में पार्टी के लोग उलझ गए हैं. उलझन का यह गांठ खुलने के बजाय और उलझता चला जा रहा है. इससे कोयलांचल में पार्टी की किरकिरी हो रही है. धनबाद जिला कांग्रेस में भी विवाद अब पूरी तरह से सामने आ गया है. नाराज कांग्रेस के नेताओं ने अभी हाल ही में बैठक कर जिला समिति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने कई गंभीर आरोप भी लगाए, हालांकि बाद में जिला समिति की ओर से कहा गया कि आरोप लगाने वाले वही लोग हैं, जिन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है.
कांग्रेस और भाजपा कैसे चल रही एक ही राह
खैर, इसमें जो भी सच्चाई हो यह देखना तो पार्टी का काम है. लेकिन कोयलांचल सहित झारखंड में कांग्रेस पार्टी अपना जन आधार कैसे हासिल करें, इसके लिए जमीन पर कोई काम दिख नहीं रहा है. झारखंड के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पर भी राजनीतिक हमले हो रहे हैं. ऐसे में झारखंड में पार्टी का क्या होगा, झारखंड प्रभारी क्या सोच रहे हैं, इसका खुलासा तो आने वाले दिनों में होगा। इधर , कोयलांचल में भाजपा की हालत तो और भी खराब है. आपसी खींचतान चरम पर है. "पावर" की लड़ाई सड़क पर छिड़ी हुई है. भाजपा के महानगर जिला अध्यक्ष 14 मई को झारीय में सांसद ढुल्लू महतो के सम्मान समारोह में झरिया की भाजपा विधायक रागिनी सिंह के बारे में बिना नाम लिए बहुत कुछ कहा. उनके कथन का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ.
महानगर भाजपा अध्यक्ष हैं विधायक के समर्थकों के निशाने पर
इसकी शिकायत भी प्रदेश के नेताओं से की गई है. इधर, मंगलवार को विधायक रागिनी सिंह के समर्थकों ने धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर महानगर अध्यक्ष का पुतला फूंका। समर्थको ने महानगर अध्यक्ष से सार्वजनिक माफी और इस्तीफे की मांग की. पुतला दहन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थी. उल्लेखनीय है कि झरिया में 14 मई को धनबाद सांसद के अभिनंदन समारोह में महानगर अध्यक्ष द्वारा दिए गए भाषण पर रागिनी सिंह के समर्थकों की नाराजगी है. अपनी ही पार्टी के विधायक के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी पर समर्थक गुस्से में हैं. पुतला दहन कार्यक्रम में शामिल महिलाओं का कहना है कि अपनी ही पार्टी के विधायक के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करना महानगर जिला अध्यक्ष को शोभा नहीं देता है. उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। उल्लेखनीय है कि कोयलांचल में भाजपा में खींचतान चरम पर है. इसकी शुरुआत धनबाद नगर निगम चुनाव से हुई और यह विवाद आगे की ओर बढ़ रहा है.

