धनबाद(DHANBAD): झारखंड में सियासी हलचल के बीच राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा पहुंचेगी. इधर, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राहुल गांधी का साझा कार्यक्रम जल्द ही जारी करने की बात भी उन्होंने कही. यहां यह कहना अप्रासंगिक नहीं होगा कि I N D I A गठबंधन की दिल्ली में हुई बैठक में मुख़्यमंत्री हेमंत सोरेन नहीं गए थे. उनके प्रतिनिधि शामिल हुए थे. दूसरी ओर ईडी के सीएम को सातवें समन के बाद अब लोगों की निगाहें प्रवर्तन निदेशालय के अगले कदम पर टिकी हुई है. इधर, राजभवन के अगले कदम को लेकर भी चर्चा तेज है.
विधायक रांची में ही डाले हुए है डेरा
महागठबंधन दलों के विधायकों और मंत्रियों की बैठक के बाद ज्यादातर विधायक राजधानी रांची में जमे हुए है. दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक में मुख्यमंत्री शामिल नहीं हुए थे, लेकिन ईडी के समन के बाद राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल होने की बात को राजनीतिक पंडित अलग चश्मे से देख रहे है. यह बात सच है कि मुख्यमंत्री की कुर्सी का फैसला झारखंड में ईडी की कार्रवाई से हो अथवा नहीं, लेकिन राजभवन में बंद पड़े लिफाफे में क्या है, आगे क्या होगा , इस पर राजनीतिक पंडित अधिक जोर दे रहे है. यह भी देखना दिलचस्प होगा कि राहुल गांधी की न्याय यात्रा में तो मुख्यमंत्री शामिल होंगे लेकिन इंडिया गठबंधन की अगली बैठक में शामिल होते हैं अथवा नहीं या फिर झारखंड में सीट शेयरिंग का तरीका क्या होता है. पक्ष और विपक्ष के स्वर का ऊंट किस करवट बैठता है. इसी पर भी झारखंड का सियासी दंगल टिका हुआ है. वैसे अभी हाल ही में राज्यपाल ने यह संकेत दिया है कि जो जैसा करेगा, वैसा पाएगा. मतलब साफ है कि कुछ ना कुछ झारखंड में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर होने वाला है.
कवच का काम कर सकता है गांडेय विधानसभा सीट
वैसे गिरिडीह के गांडेय विधानसभा सीट से डॉक्टर सरफराज अहमद का त्यागपत्र भी कई मामलों में कवच का काम कर सकता है. इधर, झारखंड मुक्ति मोर्चा का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मिला. डॉक्टर सरफराज अहमद के इस्तीफा से रिक्त हुई उक्त सीट पर 6 माह के भीतर उपचुनाव कराने की मांग की गई. नियम का हवाला दिया गया. सरफराज अहमद 31 दिसंबर 2023 को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिए है. इधर झारखंड मुक्ति मोर्चा कह रहा है कि डॉक्टर सरफराज अहमद के इस्तीफा का कोई सियासी माने मतलब नहीं है. लेकिन 6 महीने का भीतर चुनाव कराने की मांग की जा रही है. इतना तो तय है कि गिरिडीह के गांडेय विधानसभा से इस्तीफा कोई साधारण बात नहीं है. इसका राजनीतिक माने मतलब निकलता है. और यह मतलब भविष्य में गठबंधन सरकार के कवच का काम करें, तो कोई आश्चर्य नहीं. कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा उत्तर प्रदेश में 1074 किलोमीटर चलेगी तो झारखंड में 804 किलोमीटर का रास्ता तय करेगी. असम में 833 किलोमीटर चलने का टारगेट है.
झारखंड के कुल 13 जिलों को कवर करेगी यात्रा
झारखंड के कुल 13 जिलों को कवर किया जाएगा. उत्तर प्रदेश के 20 जिलों को टारगेट किया जाएगा. असम के 17 जिले यात्रा की जद में होंगे. धनबाद होकर भी यह यात्रा गुजरेगी. भारत जोड़ो न्याय यात्रा का रूट चार्ट जारी होते ही मीन मेख , उद्देश्य, लाभ -हानि पर चर्चा शुरू हो गई है. जिधर -जिधर से यात्रा गुजरेगी ,अगल -बगल की लोक सभा सीटों पर दावेदारी से भी जोड़ कर देखा जा रहा है. कांग्रेस की न्याय यात्रा में झारखंड पर फोकस है. राजनीतिक हल्को में चल रही चर्चा के मुताबिक कांग्रेस धनबाद, गोड्डा , लोहरदगा, चाईबासा, जमशेदपुर, रांची, खूंटी पर नजर गड़ाए हुए है. रांची या जमशेदपुर में कांग्रेस अदला -बदली भी कर सकती है. चाईबासा से तो कांग्रेस का सीटिंग एमपी है. इसी प्रकार अगर राजद की बात की जाए तो पलामू और कोडरमा पर राजद की नजर है. हजारीबाग सीट पर वामदल और जदयू की नजर है. वाम दल से भुनेश्वर मेहता हज़ारीबाग़ से सांसद रह चुके है. बची सीटों पर झारखंड मुक्ति मोर्चा लड़ सकता है. हालांकि यह तो चर्चा का आकलन है अंतिम निर्णय तो होना बाकी है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो


