धनबाद(DHANBAD): झारखंड के हिस्ट्रीशीटर विक्रम शर्मा की हत्या 13 फरवरी को देहरादून के सिल्वर सिटी मॉल में कर दी गई थी. वह जिम से बाहर निकल रहा था कि टोह में लगे अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. विक्रम शर्मा झारखंड का कुख्यात था और उत्तराखंड में खनन का कारोबार कर रहा था. जमशेदपुर में भी उसका कारोबार चल रहा था. इस संबंध में पुलिस ने अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. जानकारी के अनुसार जमशेदपुर के यशराज सिंह को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था. उसपर बड़ा इनाम था. उसके अलावा बागबेड़ा निवासी राजकुमार सिंह और नोएडा से अक्षय ठाकुर की गिरफ्तारी हुई थी.
पुलिस को अभी कई लोगो की तलाश
जानकार सूत्रों के अनुसार पुलिस को अभी भी कई लोगों की तलाश है. पुलिस अब कोर्ट के आदेश पर कुर्की की तयारी में है. जानकारी के अनुसार रविवार को न्यायालय के आदेश पर फरार चल रहे आकाश प्रसाद के घर पर कुर्की जब्ती की कार्रवाई की गई है. वह बागबेड़ा का निवासी है. पुलिस ने उसके घर के सारे सामान को सूची बनाकर जब्त की और उसे बागबेड़ा थाना ले आई. पुलिस जांच में यह बात सामने आ रही है कि आकाश प्रसाद हत्याकांड में मुख्य भूमिका निभाई थी. सूत्र तो यह भी बता रहे हैं कि शूटरों ने हरिद्वार में जो बाइक और स्कूटी किराए पर ली थी, वह आकाश के ही पहचान पत्र पर ली गई थी. शूटरों के ठहरने के कमरों को भी आकाश के पहचान पत्र पर ही बुक कराया गया था.
हत्यारों ने जमशेदपुर के बजाय देहरादून को क्यों चुना
दरअसल, विक्रम शर्मा झारखंड का हिस्ट्रीशीटर था. हत्यारों ने जमशेदपुर के बजाय देहरादून में उसकी हत्या करने की योजना बनाई। दरअसल, विक्रम शर्मा जमशेदपुर में जब भी होता, लोगों के बीच घिरा रहता। इस वजह से हत्यारो को उसे यहां मारने में सफलता नहीं मिली, तो उन लोगों ने देहरादून को चुना। देहरादून में विक्रम शर्मा निडर होकर रहता था. उसे भनक नहीं थी कि शूटर उसका पीछा करते हुए देहरादून भी पहुंच सकते हैं. लेकिन हत्या कांड की साजिश करने वाले देहरादून तक शूटरों को भेज दिया और उसकी हत्या करा दी. बताया जा रहा है कि इस मामले में कई आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं, जिनमें एक के घर की कुर्की हुई है. अन्य के घरों की कुर्की करने की भी तैयारी चल रही है. उल्लेखनीय है कि गिरफ्तार आरोपी यशराज सिंह जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत गाढ़ाबासा का निवासी है. इस मामले में पुलिस उसके पिता राजकुमार सिंह उर्फ राजू को पहले ही जमशेदपुर से गिरफ्तार कर चुकी है. पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि इस पूरी हत्या की साजिश में यशराज की भूमिका थी. उसने न केवल साजिश रची, बल्कि शूटरों के आने-जाने, उनके ठहरने और अन्य लॉजिस्टिक खर्चों के लिए फंडिंग का इंतजाम भी किया था.

