झारखंड के "हिस्ट्रीशीटर" विक्रम मर्डर मामला: जिम में मेम्बरशिप एंट्री को लेकर की गई थी रेकी


जमशेदपुर: यह बात तो अब लगभग साफ हो गई है कि झारखंड के गैंगस्टर विक्रम शर्मा मर्डर केस की प्लानिंग झारखंड के जमशेदपुर में ही बनी थी. अभी तक देहरादून पुलिस ने जमशेदपुर के ही रहने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है. एक की गिरफ्तारी जमशेदपुर से हुई है, जबकि दूसरे की गिरफ्तारी ग्रेटर नोएडा से की गई है. सूत्रों के अनुसार कई महीनो से विक्रम शर्मा को ठिकाने लगाने की तैयारी चल रही थी. लेकिन योजना बदलती रही. जमशेदपुर और ग्रेटर नोएडा में जब सफलता नहीं मिली, तो देहरादून में ही विक्रम शर्मा को रास्ते से हटा देने की योजना बनाई गई. सूत्र बताते हैं कि इसके लिए एक ने देहरादून के उस जिम में बकायदे मेंबरशिप की एंट्री ली. और वह रोज जिम जाकर विक्रम शर्मा की गतिविधियों पर नजर रख रहा था.
विक्रम शर्मा के जिम आने और जाने के समय पर नजर थी
विक्रम शर्मा के जिम आने और जाने के समय पर नजर रख रहा था. सूत्र बताते हैं की घटना के दिन भी वह जिम में था और उसने फोन पर शूटरों को सूचना दी. इसकी सूचना पर शूटर पहुंचे और बेखौफ होकर घटना को अंजाम दे दिया। इस घटना के बाद तो देहरादून में तहलका मच गया. देहरादून में विक्रम शर्मा "सफेदपोश" बनकर रह रहा था. वहां के लोग विक्रम शर्मा के इतिहास से वाकिफ नहीं थे. इस वजह से उसे तरजीह भी मिल रही थी. वह राजनीतिक क्षेत्र में भी अपना कद बढ़ा रहा था. वैसे तो झारखंड में भी वह हाथ -पैर मार रहा था. इन सब के बाद भी जमशेदपुर से लगाव उसका बना हुआ था. जमशेदपुर में ठेका -पट्टा के काम में उसकी रुचि बनी हुई थी और शायद यही वजह उसकी हत्या का कारण बनी।
पुलिस की जाँच के एंगल अभी भी खुले हुए हैं
हालांकि हत्या की वजह को लेकर पुलिस अभी भी कई एंगल से जांच कर रही है. लेकिन अब धीरे-धीरे यह बात सामने आने लगी है कि हत्याकांड के पीछे क्या-क्या खुनस हो सकते हैं. वैसे, सूत्र बताते हैं कि विक्रम शर्मा को 2017 में जमशेदपुर पुलिस ने देहरादून से गिरफ्तार कर लाई थी. वह 2021 तक जेल में रहा. उसके बाद जमानत पर छूटा। विक्रम शर्मा की हत्या और शूटरों के भागने की "फूल प्रूफ" व्यवस्था की गई थी. गाड़ी भी जमशेदपुर से ही उपलब्ध कराई गई थी और पैसे भी जमशेदपुर से ही भेजे गए थे. सूत्र बता रहे हैं कि घटना करने के बाद भी शूटरों को कोई हड़बड़ी नहीं थी और नहीं वह घबराए हुए थे. घटना को अंजाम देने के बाद वह हरिद्वार पहुंचे, जहां रेंट पर ली गई बाइक और स्कूटी को लौटाए। फिर वहां इंतजार कर रही स्कॉर्पियो पर सवार होकर नोएडा चले गए. फिर वहां से कही चले गए. पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
4+