Jharkhand: सदर अस्पताल-अटल मुहल्ला क्लिनिक के नाम अब क्यों हो जाएंगे इतिहास, पढ़िए विस्तार से


धनबाद(DHANBAD): झारखंड के सभी सदर अस्पतालों के नाम अब बदल दिए जाएंगे. साथ ही अटल मुहल्ला क्लिनिक का भी नाम बदल जाएगा. उनके नाम स्थानीय संस्कृति और ऐतिहासिक पहलुओं को ध्यान में रखकर रखा जा सकता है. राज्य स्तर पर इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है. सूत्रों के अनुसार पिछले दिनों स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई विभागीय अधिकारियों की बैठक में ऐसा करने का निर्देश दिया गया है. अभी किसी भी सदर अस्पताल का नाम बदला नहीं गया है, लेकिन ऐसा करने की तैयारी तेज है.
इसके पीछे मनसा यह बताया गया है कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने , नए ढंग से विश्वास पैदा करना इसका मकसद है. जनता को एक सकारात्मक संदेश देना भी मकसद हो सकता है. इसी तरह अटल मुहल्ला क्लीनिक के नाम भी बदलने की तैयारी है. नाम बदलने की इस तैयारी के साथ यह भी सवाल किये जा रहे हैं कि सिर्फ नाम बदलने से कुछ नहीं होगा. स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की जरूरत होगी. अस्पतालों की संख्या बढ़ानी होगी. वैसे, धनबाद के पाटलिपुत्र मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल का नाम भी 5 साल पहले बदल दिया गया था. धनबाद के पीएमसीएच के साथ दुमका ,पलामू और हजारीबाग मेडिकल कॉलेज के नाम को भी बदल दिया गया था.
पलामू मेडिकल कॉलेज का नाम मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, हजारीबाग मेडिकल कॉलेज का नाम शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, दुमका मेडिकल कॉलेज का नाम फूलों झानो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल तथा पाटलिपुत्र मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का नाम सहित निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल कर दिया गया था. उस समय कहा गया था कि झारखंड के लोगों की भावनाओं के अनुरूप पलामू मेडिकल कॉलेज का नाम मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, हजारीबाग मेडिकल कॉलेज का नाम शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, दुमका मेडिकल कॉलेज का नाम फूलो झानो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल तथा पाटलिपुत्र मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का नाम परिवर्तित करते हुए शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल किया गया है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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