Jharkhand Politics: क्यों "डैमेज कंट्रोल" को साथ आये हेमंत सरकार के अलग -अलग दलों के दो मंत्री, पढ़िए डिटेल्स में

    Jharkhand Politics: क्यों "डैमेज कंट्रोल" को साथ आये हेमंत सरकार के अलग -अलग दलों के दो मंत्री, पढ़िए डिटेल्स में

    धनबाद(DHANBAD): झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन के सहयोगी दलों में मनमुटाव  की चर्चा के बीच शनिवार को हेमंत सरकार के दो मंत्री एक दूसरे को बड़ा भाई- छोटा भाई कहते साथ में  विधानसभा पहुंचे .   दरअसल, शुक्रवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल के दो मंत्री डॉ इरफान अंसारी और प्रभारी संसदीय कार्य मंत्री सुदिब्य कुमार सोनू आपस में ही उलझ गए थे.  एक मंत्री ने दूसरे को कह दिया था कि ज्यादा फुदकिये  मत.  इसके बाद सवाल उठने लगे थे कि क्या कांग्रेस और झामुमो  में कुछ अनबन  हो गई है  ?इसके बाद शनिवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने के पहले दोनों मंत्री एक दूसरे का हाथ पकड़े मीडिया के सामने आए और एक दूसरे को बड़ा भाई और छोटा भाई बताया. 

    बोले -हमारी लड़ाई तो भाजपा से है 
     
    प्रभारी संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि डॉक्टर इरफान हमारे छोटे भाई हैं और कोई मत भिन्नता नहीं है.  कोई मतभेद भी नहीं है.  सदन को सुचारू रूप से चलाने  की जिम्मेवारी सत्ता पक्ष की होती है और सत्ता पक्ष के विधायक इसे समझते है.   स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर इरफान अंसारी ने कहा कि हमारी लड़ाई भाजपा से है.  बीजेपी को खदेड़ना   हमारा टारगेट है.  इरफान अंसारी ने कहा  कि हमारी लड़ाई अपनों से नहीं है ,बल्कि बीजेपी से है.  दरअसल, शुक्रवार को इस विवाद के बाद भाजपा के विधायक हमलावर हो गए थे.  धनबाद के भाजपा विधायक राज सिन्हा  ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा था कि यही है सत्ता पक्ष का चरित्र.  उनका आपस में ही नहीं बनती है तो जनता का क्या भला करेंगे.  दरअसल, कांग्रेस विधायक दल के नेता ने गोड्डा में बनकर तैयार नर्सिंग कॉलेज को लेकर सवाल किया था.  पूछा था की पढ़ाई कब शुरू होगी, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी गोलमोल जवाब देते रहे. 

    गोड्डा के मामले पर उलझे थे दोनों मंत्री 

     पूरक   प्रश्न पूछने के बावजूद स्वास्थ्य मंत्री की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं आने पर प्रभारी संसदीय कार्य मंत्री ने नाराजगी जताई और कहा कि सीधा जवाब आना चाहिए.  उन्होंने यह भी कहा कि सदन में कटाक्ष की भाषा नहीं चलती है.   इस पर नाराजगी जताते हुए मंत्री इरफान अंसारी ने कह दिया कि यह मेरे और प्रदीप जी के बीच का मामला है.  डॉक्टर इरफान अंसारी ने आगे कहा   कि सोनू जी बहुत जानकार है.  हर चीज में उलझते है.  जवाब में  में मंत्री  सोनू ने कहा कि सदन किसी की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं है.  माहौल गरमाता देख विधानसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप किया और हालात को सम्मान किया.  इसके बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता स्तर  के कई लोग सोशल मीडिया पर डॉक्टर इरफान अंसारी के खिलाफ तल्ख टिप्पणी भी की.  इससे चर्चाओं को और हवा मिल गई और  उसके बाद शनिवार को डैमेज कंट्रोल  की कोशिश की गई. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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