1932 आधारित विधेयक को लेकर झारखंड की राजनीति तेज, बीजेपी ने सीएम हेमंत पर राजनीति करने और जनता को ठगने का लगाया आरोप

    1932 आधारित विधेयक को लेकर झारखंड की राजनीति तेज, बीजेपी ने सीएम हेमंत पर राजनीति करने और जनता को ठगने का लगाया आरोप

    देवघर(DEOGHAR): 1932 आधारित स्थानीय नीति विधेयक को राज्यपाल द्वारा लौटाए जाने के बाद झारखंड की राजनीति तेज हो गई है. इसी संबंध में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश और विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने मीडिया से वार्ता की. बाबूलाल मरांडी ने बताया कि 1932 के खतियान को लेकर सीएम हेमंत सोरेन द्वारा जोहार यात्रा किया जा रहा है. इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बाबूलाल ने बताया कि मुख्यमंत्री अपनी नाकामी को छुपाने के लिए यह यात्रा कर रहे हैं.

    उन्होंने कहा कि स्थानीयता नीति राज्य द्वारा बननी चाहिए. अगर, इसके बनाने में हेमंत सोरेन सरकार को चार-पांच करोड़ रुपया खर्च भी करना पड़े तो बीजेपी इसका विरोध नहीं करेगी. अगर जरूरी हो तो किसी जानकार से सलाह लेकर स्थानीय नीति तय की जाए. उन्होंने बताया कि यही 1932 के खतियान को लेकर हेमंत सोरेन ने अर्जुन मुंडा की सरकार को गिराया था. अपनी नाकामी को छुपाने के लिए सीएम राजनीति कर रहे हैं, राज्य की जनता के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं.

    सड़क से सदन तक किया जाएगा विरोध

    बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य की जनता के साथ भाजपा कदम से कदम मिलाकर एक साथ है. जरूरत पड़ी तो सड़क से सदन तक इसका विरोध किया जाएगा. वहीं प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि झामुमो कोई राजनीतिक पार्टी नहीं है, सिर्फ सर्कस है. झारखंड की साढ़े तीन करोड़ जनता को हेमंत सोरेन की सरकार सिर्फ ठग रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा आम जनता के साथ है.

    रिपोर्ट: रितुराज सिन्हा, देवघर


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