झारखंड का गैंगवार पहुंचा देहरादून: बहुचर्चित विक्रम शर्मा मर्डर केस की एफआईआर की क्या है मजमून


धनबाद(DHANBAD): मर्डर एक और जाँच में जुटी है दो राज्यों की पुलिस। जी हां, झारखंड के जमशेदपुर के "हिस्ट्रीशीटर" विक्रम शर्मा मर्डर कांड की जांच को लेकर उत्तर प्रदेश और झारखंड पुलिस सक्रिय है. इस हत्याकांड में नए-नए तथ्य सामने आ रहे हैं. इस बीच देहरादून की डालनवाला पुलिस ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मर्डर का मुकदमा दर्ज कर लिया है. बताया जाता है कि मृतक विक्रम शर्मा की पत्नी सोनिया की सहमति से उनके करीबी दोस्त अखिलेश सिंह ने कोतवाली में तहरीर दी है. जिसके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है. पुलिस को दी गई तहरीर में अखिलेश सिंह ने बताया है कि शुक्रवार की सुबह 10:40 बजे उनके पास दोस्त गौरव सिंह का फोन आया.
गौरव सिंह ने अखिलेश सिंह को दी पहली सूचना
गौरव सिंह ने घबराए हुए स्वर में बताया कि भैया विक्रम शर्मा के साथ जिम में कुछ हो गया है. आप तुरंत मैक्स अस्पताल पहुंचे। सूचना मिलते ही वह अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचे, वहां पता चला कि विक्रम शर्मा जब जिम से बाहर निकल रहे थे, तभी कुछ अज्ञात अपराधियों ने उन पर फायरिंग कर दी. डॉक्टरो ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अखिलेश सिंह ने पुलिस को बताया कि विक्रम शर्मा की पत्नी सोनिया उन्हें अपना भाई मानती है. पति की हत्या के बाद वह गहरे सदमे में है. उन्होंने ही अखिलेश सिंह को भाई के नाते मुकदमा दर्ज करने की जिम्मेदारी दी है. इसके बाद उन्होंने यह तहरीर दी है. पुलिस के अनुसार कई टीम जाँच और छापे के लिए गठित की गई है और शूटरों की तलाश में छापेमारी की जा रही है.
शुक्रवार को दिनदहाड़े विक्रम शर्मा की ढिढ़ाई से हत्या कर दी गई
बता दें कि शुक्रवार की सुबह जमशेदपुर का हिस्ट्रीशीटर विक्रम शर्मा रोज की तरह जिम गया हुआ था. अपराधी बाहर विक्रम शर्मा के निकलने का इंतजार कर रहे थे. विक्रम शर्मा जैसे ही निकलकर सीढ़ियों पर चलने लगा , तो टोह में लगे शूटरों ने फायर झोंक दी. उन्हें तीन गोलियां मारी गई थी. एक गोली माथे में लगी, जिससे वह गिर पड़े और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई. घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी बाहर उनका इंतजार कर रहे तीसरे साथी की बाइक पर बैठकर फरार हो गए. यह मामला संपत्ति विवाद का है अथवा गैंगवार का, इसका खुलासा पुलिस जांच में हो सकता है. इस घटना के बाद झारखंड पुलिस भी चौंकानी है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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