रांची (RANCHI): झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने बिजली चोरी करने वाले सिंडिकेट और शातिर उपभोक्ताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. मुख्यालय की एपीटी विंग ने पूरे राज्य में एक साथ 'वज्र' छापामारी अभियान चलाया है. इस 10 घंटे के महा-अभियान में 119 विशेष टीमों ने राज्य भर के 3,590 परिसरों में छापेमारी की. जांच के दौरान बड़े पैमाने पर टोका फंसाकर और बाईपास मीटरिंग के जरिए बिजली चोरी पकड़ी गई. सघन चेकिंग में कुल 517 परिसरों में अवैध रूप से बिजली का उपयोग होते पाया गया, जिनके खिलाफ तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है. बता दें, इस पूरी कार्रवाई में कुल 84.69 लाख रुपये के राजस्व नुकसान का खुलासा हुआ है.
इस कार्रवाई के तहत हजारीबाग अंचल में सबसे ज्यादा 54 एफआईआर दर्ज की गईं और 9.28 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. वहीं डाल्टनगंज की बात करें तो 46 एफआईआर और 8.80 लाख रुपये का मामला पकड़ा गया. राजधानी रांची में भी 422 जगहों पर रेड मारकर 38 एफआईआर दर्ज की गईं, जिसमें 5.12 लाख रुपये का बिजली घोटाला सामने आया. इसके अलावा जमशेदपुर, धनबाद, चाईबासा, दुमका, देवघर और गिरिडीह सहित राज्य के अन्य सभी प्रमुख अंचलों में भी भारी जुर्माना वसूला गया. पूरे झारखंड में कुल मिलाकर 74.23 लाख रुपये का असेसमेंट अमाउंट और 10.46 लाख रुपये का पुराना बकाया एरियर रिकवर करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
इस बड़े अभियान की सफलता के बाद जेबीवीएनएल प्रबंधन ने ईमानदार उपभोक्ताओं से बिजली चोरी रोकने में सहयोग की अपील की है. निगम ने एक विशेष मोबाइल नंबर 94311-35515 जारी किया है, जिस पर कोई भी नागरिक बिजली चोरी की गुप्त सूचना सीधे महाप्रबंधक (APT) को व्हाट्सएप या मैसेज के जरिए दे सकता है. प्रबंधन ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले सजग नागरिक का नाम और नंबर पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा. इस सख्त कदम से बिजली चोरों में हड़कंप मच गया है.

