झारखंड के मंत्री डॉक्टर इरफ़ान अंसारी की एमबीबीएस की डिग्री फर्जी है ? पढ़िए--क्यों छिड़ा है डिग्री विवाद !

    झारखंड के मंत्री डॉक्टर इरफ़ान अंसारी की एमबीबीएस की डिग्री फर्जी है ? पढ़िए--क्यों छिड़ा है डिग्री विवाद !

    धनबाद (DHANBAD) : झारखंड के मंत्री डॉक्टर इरफ़ान अंसारी की एमबीबीएस की डिग्री फर्जी है ? यह हम नहीं कह रहे, बल्कि पूर्व मंत्री का यह दावा है.  पूर्व  स्वास्थ्य मंत्री भानु प्रताप शाही और वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी के बीच के रिश्ते जग जाहिर है.  दोनों एक दूसरे के ऊपर आरोप लगाते  रहते है.  दोनों एक दूसरे को भाई भी कहते हैं और "राजनीतिक दुश्मनी" भी साधते है.  डॉक्टर इरफान अंसारी फिलहाल सरकारी अस्पतालों में ओपीडी में मरीज देख रहे है.  रांची के रिम्स में भी उन्होंने मरीज देखा था और जमशेदपुर में भी मरीज को देखा.  डॉक्टर इरफान अंसारी का कहना है कि वह झारखंड के सभी सरकारी अस्पतालों में जाकर ओपीडी में मरीजों को देखेंगे. इससे मरीजों का भरोसा बढ़ेगा और अस्पताल में भी सुधर होगा.  

    डिग्री को लेकर क्या कहा है पूर्व स्वास्थ्य मंत्री भानु प्रताप शाही

    उनके इस क्रियाकलाप पर  पूर्व  स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा नेता भानु प्रताप शाही ने सोशल मीडिया पर कहा है कि ---"जो भी मरीज ओपीडी में मंत्री इरफान अंसारी जी से दवा  लिखवा रहे हैं-मैं आग्रह करूंगा कि अपना जान जानबूझकर जोखिम में ना डालें, उनकी डिग्री फर्जी है" उसके बाद तो यूजर्स की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है.  कोई कह रहा है कि अगर इरफान अंसारी को परिवहन मंत्री बना दिया जाए, तो खुद हेलमेट चेक करने लगेंगे.  कोई कह रहा है फर्जी डॉक्टर, फर्जी मंत्री.  एक यूजर ने लिखा है कि जिसको खून और ब्लड समझ नहीं आता, वह डॉक्टर बनता है.  एक यूजर ने लिखा है कि फर्जी डिग्री का प्रमाण तो चाहिए भानु सर जी.  एक यूजर ने लिखा है कि आप इरफान जी पर हाथ -गोड़  धोकर काहे  पड़े  हैं, शांत हो जाइए, दिल्ली दूर नहीं. जल्द ही  संटिंग  पोस्ट में चले जाएंगे आपके इरफान जी. 

    एक यूजर की प्रतिक्रिया-अब राजनीति में सुचिता रही कहा
     
    एक यूजर ने कहा है कि अब राजनीति में सुचिता  रही कहा.  कोई कहे पीएम की डिग्री फर्जी है और आप कह रहे हैं कि मंत्री इरफान अंसारी की डिग्री फर्जी है, जांच होनी  जरूरी है. एक यूजर ने लिखा है कि डिग्री अगर फर्जी है तो सीबीआई जांच करवाइए, एक यूजर ने कहा है कि जिसका जैसा कैरेक्टर होता है, वह दूसरे के बारे में वैसा ही सोचता है. भानु जी आप खुद फर्जी आदमी हैं, 130 करोड़ का दवा खा गए.  एक यूजर ने कहा है कि मैं डॉक्टर तो नहीं हूं, लेकिन फिर भी दिल्ली में जो खिचड़ी पक रही है, उसको हजम करने की दवा मैं डॉक्टर इरफान अंसारी जी को सजेस्ट करना चाहूंगा.  अपनी कुर्सी की पेटी बांध लें, मौसम बदलने वाला है.  एक यूजर ने लिखा है कि उनका नाम फर्जी अंसारी रख दिया जाए. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 

     

     



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