गुमला में वृद्ध को जिंदा चिता पर जलाने की घटना का अनुसंधान तेज, गांव वाले फरार

    गुमला में वृद्ध को जिंदा चिता पर जलाने की घटना का अनुसंधान तेज, गांव वाले फरार

    गुमला (GUMLA) : वृद्ध को चिता पर जलाकर मारने की घटना सनसनी फैलाने वाली है. इस तरह की घटना ने लोगों को झकझोंर कर रख दिया है. अंधविश्वास की पराकाष्ठा कैसे उदाहरण बन जा रहा है. गुमला के कोरांबी में ओझा गुनी के शक में एक वृद्ध व्यक्ति को जलती चिता में जबरन मारपीट कर सुला दिया और इस कारण से वृद्ध की जलकर मौत हो गई.

    जांच करने पहुंची पुलिस तो क्या देने लगी तर्क

    चिता में सुलाकर जिंदा जलाने का मामला आग की तरफ फैल गया. जिस गांव में यह घटना हुई वहां दहशत फैल गई. लोगों को डर लग रहा है कि पुलिस क्या करेगी, किसे पकड़ेगी, इसलिए अधिकांश पुरुष भाग खड़े हुए हैं.

    गुमला थाना के रांबी में हुई इस घटना में की जांच के लिए सदर पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी सुरेश प्रसाद यादव वहां पहुंचे उन्होंने परिजनों से बात की. पुलिस की एक अलग थ्योरी भी सामने आई है, वह इसे जमीन विवाद से जोड़कर भी देख रही है. लेकिन परिजनों का कहना है कि ओझा गुनी करने वाले बुद्धेश्वर उरांव को अंधविश्वास के कारण मार दिया गया, वह भी चिता पर सुला कर. उल्लेखनीय है कि वृद्धा मंगरी देवी का शव एक कुएं से बरामद हुआ.

    मंगरी देवी का अंतिम संस्कार चल रहा था. मंगरी देवी के भाई झड़ी उरांव और भतीजा कर्मपाल उरांव ने इस मौत के लिए ओझा-गुणी करने वाले बुद्धेश्वर उरांव को दोषी मान रहे थे. इसलिए बुद्धेश्वर उरांव को पकड़ कर मारपीट कर घायल किया गया. उसके बाद मंगरी देवी की चिता के पास लाया. उसी जलती चिता में जबरन झोंक कर जला दिया. इससे बुद्धेश्वर उरांव की मौत हो गई. उसके बाद मंगरी देवी का भाई झड़ी उरांव गुमला थाना पहुंच कर सरेंडर कर दिया. जबकि दूसरा व्यक्ति कर्मपाल उरांव फरार हो गया है.

    पुलिस मामले की छानबीन कर रही है. कर्मपाल उरांव को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है और छापेमारी की जा रही है. पूरे गांव के अधिकांश घरों से पुरुष गायब हैं. पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता ने जिला के एसपी को आरोपी को तुरंत पकड़ने का आदेश दिया है.

     

     


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