जमशेदपुर: जुर्माना काटने के बजाए पुलिस ने की दो भाईयों की पिटाई, एक की आंतें आई बाहर तो दूसरा गंभीर

    जमशेदपुर: जुर्माना काटने के बजाए पुलिस ने की दो भाईयों की पिटाई, एक की आंतें आई बाहर तो दूसरा गंभीर

    जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): साकची थाना की पुलिस बुधवार की रात शहर में वाहन चेकिंग चला रही थी. इसी बीच पुलिस ने एक दलित युवक कार्तिक मुखी को बीना हेलमेट मोटरसाइकिल चलाने के आरोप में पकड़ा और थाना ले गई. जानकारी के अनुसार पुलिस ने थाना में युवक की पिटाई की. इससे युवक के पेट में हुए ऑपरेशन का टांका खुल गया और उसकी आंतें बाहर आ गई. इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया. मामले की निंदा करते हुए भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने ट्वीट किया और झारखंड की हेमंत सरकार आदिवासी दलित विरोधी सरकार पर आरोप लगाया. वहीं उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कहा कि तनिक भी शर्म है, तो पुलिस वालों को जेल भेजिए.

    मामला की डिटेल्स

    जमशेदपुर के साकची थाने में नरवा कॉलोनी के रहने वाले कृष्णा मुखी की संदिग्ध परिस्थितियों में आंतें बाहर आ गई हैं. परिजनों ने पुलिस पर कृष्णा मुखी के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है. कृष्णा मुखी थाने में बाहर बैठ कर पुलिस पर कार्रवाई की मांग कर रहा है. बाहर परिजन और उसके समर्थक हंगामा कर रहे हैं. बिरसा सेना के दिनकर कच्छप के नेतृत्व में लोगों ने साकची थाने के सामने धरना दिया है. कृष्णा मुखी की मां ममता मुखी ने बताया कि उनका बेटा कार्तिक मुखी साकची घूमने और शॉपिंग करने आया था. तभी देर रात पुलिस ने कार्तिक मुखी को बिना हेलमेट बाइक चलाने के आरोप में पकड़ लिया. कार्तिक मुखी को साकची थाने लाया गया. मां का कहना है कि अगर उनके बेटे ने हेलमेट नहीं लगाया था, तो उस पर जुर्माना किया जाना चाहिए था. लेकिन, पुलिस ने उसे उठा लिया. थाने में लाकर उसके साथ मारपीट की गई और लात घूंसे से पीटा गया. उसके पेट में लात मारी गई. मारपीट की आवाज सुनकर कार्तिक मुखी का छोटा भाई कृष्णा मुखी उसे देखने गया तो पुलिसकर्मियों ने उसके साथ भी मारपीट की.

    आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार का आरोप

    युवक कृष्णा मुखी की दोनों किडनी फेल है, उसके पेट में लात पड़ने पर उसकी आंत बाहर आ गई. कृष्णा मुखी ने घटना की जानकारी परिजनों को देनी चाही तो पुलिसकर्मियों ने उसका मोबाइल छीन लिया. घटना की जानकारी मिलने के बाद बुधवार को परिजन साकची पहुंचे और थाने के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया. बाद में थाना प्रभारी साकची थाना पहुंचे तो बिना हेलमेट पकड़े गए युवक कार्तिक मुखी को थाने को छोड़ दिया है. लेकिन, कार्तिक मुखी का कहना है कि जब तक सिटी एसपी नहीं जाएंगे वह यहां से नहीं जाएगा. बिरसा सेना के दिनकर कच्छप का आरोप है कि जमशेदपुर में पुलिस आदिवासी और दलित लोगों के खिलाफ अत्याचार कर रही है. बिरसानगर में भी इसी तरह एक दलित के साथ मारपीट की गई थी. अब साकची थाने में भी मारपीट की गई. यह लोग पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग पर अड़े हुए हैं.

    रिपोर्ट: रंजीत ओझा, जमशेदपुर


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