झारखंड के इस ज़िले में कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे को मोबाइल की रोशनी में करनी पड़ी पीसी, पढ़िए -फिर क्या हुआ !

    झारखंड के इस ज़िले में कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे को मोबाइल की रोशनी में करनी पड़ी पीसी, पढ़िए -फिर क्या हुआ !

    धनबाद (DHANBAD) : जरा सोचिए! केंद्रीय कोयला राज्य मंत्री का कार्यक्रम अगर मोबाइल की रोशनी में हो, उन्हें अंधेरे में ही पत्रकारों से बात करनी पड़े, तो क्या हो सकता है. यह सब धनबाद में रविवार की रात हुआ है. उसके बाद तो मंत्री का गुस्सा होना स्वाभाविक है. कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे रविवार की रात धनबाद के बीएमएस जिला कार्यालय पहुंचे थे. आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. इसी दौरान बिजली गुल हो गई. फिर तो पूरा कार्यक्रम ही अंधेरे में हुआ और मोबाइल की रोशनी में उन्होंने अपना भाषण दिया और पत्रकारों से बात की.  कहा कि धनबाद के कोयले से पूरा देश रोशन होता है और यहां के लोग अंधेरे में है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है.  

    यहां पावर कट हेमंत सरकार की असफलता का परिणाम है. उन्होंने कहा कि मजदूर और किसान किसी भी देश की आत्मा होते है. देश को मजबूत करने में उनकी अहम भागीदारी होती है. केंद्र की मोदी सरकार सबका साथ, सबका विकास के नारे के साथ आगे बढ़ रही है. उन्होंने प्रतीक्षित झरिया संशोधित मास्टर प्लान पर कहा कि झरिया के एक्शन प्लान की समीक्षा बहुत जल्द होगी. इस योजना के मुताबिक विस्थापित परिवारों के पुनर्वास को और तेज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ अधिकारियों की मैराथन बैठक हो चुकी है. 

    जिसमें कोयलांचल की भी चर्चा हुई थी. बता दें कि झरिया की भूमिगत आग पर प्रधानमंत्री कार्यालय की भी नजर है. अभी हाल ही में अधिकारियों की एक टीम अपने दो दिवसीय दौरे पर धनबाद पहुंची थी. टीम के अधिकारियों ने विस्थापितों से बात की. उन्हें रोजगार से जोड़ने के उपाय तलाशने पर जोर दिया. कहा जाता है कि अधिकारियों की यह टीम पीएमओ के निर्देश पर ही आई थी. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि झरिया के संशोधित मास्टर प्लान में रोजगार भी एक बड़ा मुद्दा हो सकता है. 

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 


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