अबुआ आवास के नाम पर राजमहल में चल रहा लूट का खेल, सरकारी सिस्टम की रखवाली करने वाले अयोग्य लोगों को दिला रहे लाभ

    अबुआ आवास के नाम पर राजमहल में चल रहा लूट का खेल, सरकारी सिस्टम की रखवाली करने वाले अयोग्य लोगों को दिला रहे लाभ

    साहिबगंज(SAHIBGANJ): साहिबगंज जिले के राजमहल प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों राज्य सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट अबुआ आवास योजना सवालों के घेरे में है. इसका खुलासा तब हुआ जब राजमहल प्रखंड क्षेत्र के एक व्यक्ति ने इसकी लिखित शिकायत स्थानीय प्रखंड विकास पदाधिकारी के माध्यम से जिले के उपायुक्त हेमंत सत्ती से किया है. उनके द्वारा दिये गए आवेदन में यह उल्लेख किया गया है कि खुटहरी पंचायत क्षेत्र में जिम्मेदारों की मिलीभगत से अबुआ आवास योजना के नाम पर लूट का खेल चल रहा है. सिस्टम की रखवाली करने वाले जिम्मेदारों द्वारा मोटी रकम लेकर पक्के मकान वाले सक्षम व अयोग्य लोगों को आवास योजना का लाभ दिया जा रहा है.

    आवेदन में बताया गया है कि अगर कोई गरीब क्षेत्र के कुछ दलाल और जिम्मेदारों को रिश्वत नहीं दे पाते हैं तो उसका नाम सीधा सरकारी सूची से गायब ही कर दिया जाता है. इस पंचायत क्षेत्र में योग्य व जरूरतमंद लाभुकों का नाम सरकारी सूची से गायब हो रहा है और पक्के मकान वालों को अबुआ आवास योजना का लाभ मिल रहा है.  यह कहा तक सही है.

    शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में यह भी बताया है कि राजमहल प्रखंड क्षेत्र पर स्तिथ खुटहरी पंचायत के छोटा खुटहरी गाव के रहने वाले पुनु चंद्रा साहा के नाम से अबुआ आवास योजना स्वीकृत हुआ है जबकि वह सक्षम मनुष्य है और पूर्व से ही उसका बड़ा पक्का का मकान है. सूत्रों से जानकारी मिली है कि जांच के दौरान पंचायत के जिम्मेदारों ने ही पुनु चंद्रा साहा को सर्वप्रथम अयोग्य घोषित कर दिया था. लेकिन फिर बाद में सारे कायदे व सिस्टम को ताक पर रखते हुए जिम्मेदारों ने उसे अबुआ आवास योजना आवंटित भी कर दिया है. इतना ही नहीं, ऑपरेटर ने भी उस लाभुक के खाते में दनादन किश्त भेजना शुरू कर दिया. स्वीकृति अभिलेख में एक जिम्मेदार पदाधिकारी का हस्ताक्षर भी है.

    बता दें कि, राजमहल प्रखंड क्षेत्र में संचालित राज्य सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट अबुआ आवास योजना की किश्त डीबीटी के माध्यम से भेजने के लिए सर्वप्रथम स्वीकृति अभिलेख में स्थानीय पंचायत सचिव या फिर आवास प्रभारी का हस्ताक्षर अनिवार्य है. वहीं, अयोग्य लाभुकों के स्वीकृति अभिलेख में तो पंचायत के जिम्मेदार पदाधिकारी का हस्ताक्षर भी देखने को मिल रहे हैं. राज्य सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट अबुआ आवास योजना में इतना बड़ा फर्जीवाड़ा का खुलासा होने के बाद जिम्मेदार पदाधिकारी काबिले तारीफ है.

    वहीं, इस फर्जीवाड़े को देखकर इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि खुटहरी पंचायत क्षेत्र के साथ-साथ पूरे प्रखंड क्षेत्र में अबुआ आवास योजना के नाम पर लूट का खेल चल रहा है और सिस्टम की रखवाली करने वाले जिले के जिम्मेदार पदाधिकारी बेखबर हैं. अब ऐसे में देखने वाली बात यह है कि जिले के जिम्मेदारों को शिकायत पत्र मिलने के बाद मामले में क्या कार्रवाई की जाती है या फिर यह मामला भी जिले में बढ़ती गर्मी के साथ-साथ ठंडे बस्ते में चला जाता है.

    रिपोर्ट: गोविंद ठाकुर


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