थ और त के फेर में खुद को मान लिया यूपीएससी टॉपर, सम्मान के बाद खुला मामला, दिल्ली फरार

    थ और त के फेर में खुद को मान लिया यूपीएससी टॉपर, सम्मान के बाद खुला मामला, दिल्ली फरार
    अरियरी प्रखंड के चोड़ दरगाह पंचायत स्थित फतेहपुर गांव में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है.यहां के निवासी रंजीत कुमार ने नाम की समानता के कारण खुद को यूपीएससी परीक्षा का सफल अभ्यर्थी मान लिया. इतना ही नहीं, इस जानकारी के आधार पर गांव में उन्हें सम्मानित भी कर दिया गया, लेकिन जब सच्चाई सामने आने लगी तो रंजीत कुमार गांव छोड़कर दिल्ली फरार हो गया.दरअसल 6 मार्च को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) का परिणाम जारी किया गया था.इस परीक्षा में कर्नाटक के रंजीथ कुमार को 440वां रैंक प्राप्त हुआ था.

    शेखपुरा(SEIKHPURA):अरियरी प्रखंड के चोड़ दरगाह पंचायत स्थित फतेहपुर गांव में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है.यहां के निवासी रंजीत कुमार ने नाम की समानता के कारण खुद को यूपीएससी परीक्षा का सफल अभ्यर्थी मान लिया. इतना ही नहीं, इस जानकारी के आधार पर गांव में उन्हें सम्मानित भी कर दिया गया, लेकिन जब सच्चाई सामने आने लगी तो रंजीत कुमार गांव छोड़कर दिल्ली फरार हो गया.दरअसल 6 मार्च को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) का परिणाम जारी किया गया था.इस परीक्षा में कर्नाटक के रंजीथ कुमार को 440वां रैंक प्राप्त हुआ था.

    थ और त के फेर में खुद को मान लिया यूपीएससी टॉपर

     नाम में ‘थ’ और ‘त’ के अंतर के कारण फतेहपुर निवासी रंजीत कुमार ने यह मान लिया कि वही इस परीक्षा में सफल हुए हैं। इसके बाद उन्होंने गांव के लोगों को इसकी जानकारी दी कि उन्होंने यूपीएससी में सफलता हासिल की है. रंजीत कुमार की इस बात पर विश्वास करते हुए शनिवार को शेखपुरा के पूर्व विधायक विजय सम्राट उनके घर पहुंचे और अंगवस्त्र व वीआईपी ब्रीफकेस देकर उन्हें सम्मानित किया.मौके पर स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि सरफराज आलम सहित कई लोगों ने भी उन्हें सम्मानित करते हुए बधाई दी.

    मामले की खूब हो रही है चर्चा

     रंजीत कुमार को सम्मानित करने के बाद पूर्व विधायक और मुखिया प्रतिनिधि नें सोशल मीडिया पर तस्वीर डाल दी. जिसके बाद रंजीत कुमार अचानक सोशल मीडिया की सुर्खियों में छा गया.सोमवार को महुली थाना के थानाध्यक्ष रामप्रवेश भारती ने भी रंजीत कुमार को थाना बुलाकर सम्मानित किया, लेकिन इस दौरान थानाध्यक्ष ने उनसे यूपीएससी परीक्षा से संबंधित एडमिट कार्ड, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज लेकर आने को कहा. जिसके बाद वह गांव छोड़कर दिल्ली के लिए निकल गया.इधर जब पत्रकारों ने फोन कर रंजीत कुमार से इस मामले में प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की तो उसने फोन उठाना भी बंद कर दिया. अब यह मामला पुरे जिला में चर्चा का विषय बना हुआ है.

    युवक की तलाश कर रही है पुलिस

    जानकारी के अनुसार फतेहपुर निवासी रंजीत कुमार के पिता अर्जुन यादव एक किसान है. रंजीत कुमार दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता था. इसी दौरान उसने यूपीएससी में सफलता का दावा किया, जिस पर गांव के लोग भरोसा कर बैठे. सच्चाई सामने आने के बाद पूर्व विधायक विजय सम्राट ने भी अपने सोशल मीडिया से रंजीत कुमार को सम्मानित करते फोटो हटा दिया है. वही थाना में बिठाकर माला पहनाकर लड्डू खिलाने वाले थानाध्यक्ष रामप्रवेश भारती भी युवक को तलाश कर रहे है.


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