धनबाद के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल SNMMCH में मरीजों के पेट पर चली कैंची, जानिए कौन है जिम्मेवार  

    धनबाद के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल SNMMCH में मरीजों के पेट पर चली कैंची, जानिए कौन है जिम्मेवार

    धनबाद(DHANBAD) : महंगाई की मार अस्पताल में भर्ती मरीजों पर भी.धनबाद के SNMMCH में मरीजों के खाने में कटौती कर दी गई है.  डायट चार्ट में भी कई चीजें विलोपित हो गई है. नई डाइट चार्ट पहली  जनवरी से प्रभावी हो गई है. मरीजों को पहले की अपेक्षा कम भोजन मिल रहा है. प्रबंधन का कहना है कि खाद्य पदार्थों के बढ़ते दाम के कारण एजेंसी पुरानी दर पर खाना की आपूर्ति करने के लिए तैयार नहीं है. सरकार से रेट  बढ़ाने का आग्रह किया गया था लेकिन इस पर कोई पहल नहीं की गई. इसके कारण मरीजों के खाने में कटौती करनी पड़ी है. इस बात की पुष्टि SNMMCH के अधीक्षक डॉ एके वर्णवाल भी करते है. मैनेजमेंट का कहना है कि सरकार ने नई डाइट चार्ट पर स्वीकृति दे दी है. उसके बाद ही इसे लागू किया गया है.खाने पर प्रति मरीज  ₹100 खर्च करने का प्रावधान है. इसमें सुबह का नाश्ता, दोपहर का खाना, शाम की चाय और रात का खाना शामिल है. इसी राशि में खाना बनाने के लिए एलपीजी सिलेंडर का दाम भी शामिल होता है.

    सरकार सुनी नहीं तो लागू कर दी गई कटौती 

    लगातार सभी चीजों के दाम बढ़ने के बाद एजेंसी ने खाना सप्लाई करने में असमर्थता जताई तो सरकार को पत्र लिखा गया. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.  नई डाइट चार्ट के अनुसार मरीजों को अब दो अंडे की जगह सिर्फ एक अंडा, दो केले की जगह सिर्फ एक केला मिल रहा है. दूध 300ml की बजाए 200ml कर दिया गया है. चावल और आटा में भी 50-50 ग्राम की कटौती की गई है.  प्रतिदिन 200 ग्राम चावल का भात और 200 ग्राम आटे की रोटी मिलती थी. अब 150 ग्राम कर दिया गया है. फलों में बदलाव किया गया है. लगता है कि अब आगे भी मरीजों को भरपेट भोजन नहीं मिलेगा. इस  गंभीर मसले पर धनबाद के जनप्रतिनिधि सरकार पर दबाव नहीं बनाएंगे और अधिकारियों के अनुरोध पर सरकार ध्यान नहीं देगी, नतीजा होगा कि मरीज आधे पेट खाकर ही अपना इलाज अस्पताल  कराएंगे, पहली  जनवरी से यह लागू है लेकिन अभी तक इसे लेकर किसी कोने से किसी भी दल के नेता ने कोई आवाज नहीं उठाई है.

    रिपोर्ट : शाम्भवी सिंह, धनबाद



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