धनबाद में कोयला चोरी के लिए ही नहीं बल्कि कोयला खपाने के लिए भी होती है फायरिंग, जानिए इस रिपोर्ट में कैसे छुट्टे सांड की तरह लड़ते हैं गुर्गे 

    धनबाद में कोयला चोरी के लिए ही नहीं बल्कि कोयला खपाने के लिए भी होती है फायरिंग, जानिए इस रिपोर्ट में कैसे छुट्टे सांड की तरह लड़ते हैं गुर्गे 

    धनबाद (DHANBAD) : BCCL  की बरोरा एरिया अंतर्गत डेको आउटसोर्सिंग खदान में रविवार को कोयला चोरों के पथराव से सीआईएसएफ की एक महिला कांस्टेबल घायल हो गई. वहीं निरसा थाना क्षेत्र में अवैध कोयला को बरवा के कोक भट्ठा में गिराने को लेकर शनिवार को देर रात के बाद भट्ठा संचालकों के गुर्गे आपस में भिड़ गए. इस दौरान जमकर मारपीट हुई. 2 राउंड फायरिंग की भी सूचना है. हालांकि पुलिस फायरिंग की घटना से इंकार कर रही है.

    महिला कांस्टेबल घायल

    जानकारी के अनुसार डेको आउटसोर्सिंग में पथराव की सूचना पर बरोरा पुलिस के अलावे सीआईएसएफ की टीम पहुंची. घटना की जानकारी ली.  डेको आउटसोर्सिंग कंपनी के उमा देवी फेस में सुबह 9 बजे काफी संख्या में लोग कोयला चोरी कर रहे थे. इसकी सूचना मिलते ही सीआईएसएफ की टीम ने कोयला ले जाने से लोगों को मना किया तो कोयला चोर सीआईएसएफ से उलझ गए. पथराव करने लगे. इस क्रम में महिला कांस्टेबल घायल हो गई. उसके बाद अतिरिक्त बल मंगाया गया. सर्च अभियान चला लेकिन टीम को कोयले से भरे बोरे की जब्ती से ही संतोष करना पड़ा. कोयला चोरी में लगे लोग फरार हो गए.

    चोरी का कोयला भट्ठा में गिरवाते है ठेकेदार

    इधर, निरसा के मामले में पता चला है कि शनिवार की आधी रात के बाद रामकनाली कुसुम कनाली क्षेत्र से अवैध खनन कर कोयला लेकर दो पिकअप वैन और एक मिनी हाईवा जा रहे थे. कोयला बरवा के भट्ठा में गिराना था. इसी बीच चापा पुर वन  में संचालित भट्ठे के लोग पहुंचे. कोयले को अपने भट्ठे ले जाने लगे. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में नोकझोंक के बाद मारपीट हो गई. चापा पुर के भट्टे से जुड़े लोगों का कहना था कि खदान के ठेकेदार को एडवांस दिया है. इसलिए कोयला हमारे भट्टे में गिरना चाहिए. वही बरवा में संचालित भट्ठा के लोग कोयला अपने में गिराने की बात पर अड़े थे. इसी को लेकर मारपीट हुई और फायरिंग की गई. इसकी सूचना जब निरसा पुलिस को मिली तो वह घटनास्थल पर पहुंची लेकिन उसके पहले ही मारपीट करने वाले दोनों दल के लोग फरार हो गए थे. मतलब साफ है कि कोयला सिर्फ अवैध कोयला डिपो में ही नहीं बल्कि उद्योगों में भी खा पाया जा रहा है. यहां बताना जरूरी है कि कोयलांचल में सिर्फ वही हार्ड कोक भट्ठे पूरी क्षमता के साथ चल रहे हैं, जहां चोरी के कोयले का उपयोग हो रहा है. साफ सुथरा धंधा करने वाले लोग तो किनारा पकड़ लिए हैं. या तो भट्ठा बंद कर दिए हैं या किसी तरह  कोयला लेकर 1,2 चिमनी चलाकर उद्योगों को जिंदा रखे हुए हैं. साफ सुथरा धंधा करने वालों को बीसीसीएल कोयला मिलता नहीं है और चोरी का कोयला उपयोग कर भट्ठा चलाने वाले मालामाल हो रहे हैं. ऐसे लोग इलाके में गुर्गे पाल रखे हैं, जो चोरी का कोयला भट्ठा में गिरवाते है. खुद की कमाई भी करते हैं और उद्योग मालिक के लिए भी उपयोगी होते हैं.

    रिपोर्ट : सत्यभूषण सिंह, धनबाद


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