पैसे कमाने की जल्दवाजी में मासूम को अपने जाल में फसाते हैं धनबाद के दारोगा, जानिए कैसे 

    पैसे कमाने की जल्दवाजी में मासूम को अपने जाल में फसाते हैं धनबाद के दारोगा, जानिए कैसे

    धनबाद(DHANBAD) : सोमवार का दिन धनबाद पुलिस के लिए बदनामी लेकर आया. यह बदनामी कोयला चोरी कराने  को लेकर नहीं थी ,बल्कि घूसखोरी के लिए थी.  भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने दो दारोगा  को घूस लेते  धर दबोचा था और वह भी मात्र 10 घंटे के भीतर-भीतर.  लोयाबाद में तो दारोगा  की साहस देख कोई भी दंग रह जाएगा. थाना के भीतर  पैसा खुद नहीं पकड़ा ,एक  बैग में रखवाया  लेकिन एसीबी की नजरों से बच नहीं सका. इससे इस बात का भी खुलासा हुआ कि केस  से नाम हटाने और जोड़ने के लिए कैसे कैसे काम किए जाते है. 

    कैसा-कैसा खेल करती है पुलिस

    सोमवार को ही  इसके पहले भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने धनबाद के सरायढेला के दारोगा  राजेंद्र उरांव को घूस लेते  गिरफ्तार किया था.  यह सूचना भी धनबाद के पुलिस महकमे में जंगल की आग की तरह फ़ैली.  बावजूद उसी दिन लोयाबाद थाने में घूस लेने का साहस दरोगा दशरथ प्रसाद साहू ने किया  और पकड़ में आ गए.  लोयाबाद की कार्रवाई में तो एसीबी के डीएसपी नितिन खंडेलवाल खुद मौजूद रहे.  धनबाद में अभी 2018 बैच के दारोगा सर्वाधिक है.  हाल ही में उन लोगों ने नौकरी ज्वाइन की है लेकिन उन्हें पैसे कमाने की इतनी जल्दबाजी है कि वह कुछ भी करने को तैयार दिख रहे है.  नतीजा हुआ है कि 2 दारोगा  एसीबी के हत्थे चढ़ गए. 
     
    शिकायत ने एसीबी को क्या दी थी सूचना
     
    5 महीना पहले ही एसीबी ने लोयाबाद के  एक दारोगा को ₹15000 घूस लेते दबोचा था बावजूद लोयाबाद के दारोगा दशरथ प्रसाद साहू को कोई भय नहीं हुआ.  थाने में ही पैसा लेने का  साहस कर बैठे.  राजेंद्र उरांव के खिलाफ शिकायत करने वाले प्रदीप पांडे ने एसीबी को बताया था कि 2017 में सरायढेला  थाना में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. मारपीट और चोरी की धाराओं में दर्ज मुकदमे में मदद के नाम पर राजेंद्र उराव   ₹10000 मांग रहे थे. कह  रहे थे कि नहीं देने पर जेल भेज देंगे.  

    केस किसी और के नाम पर और धमकी किसी दूसरे को 

    लोयाबाद के मामले में पिंटू यादव ने एसीबी  को बताया था कि  दर्ज एक  केस में किसी पिंटू का नाम था, लेकिन दारोगा  दशरथ प्रसाद साहू उन्हें फंसाने की धमकी दे रहे थे.  कह रहे थे कि तीस  हज़ार दो  नहीं तो तुम्हें जेल भेज देंगे. सोमवार की रात  एसीबी  ने जाल बिछाया और ₹10000 के साथ दशरथ प्रसाद साहू के पास पिंटू को भेजा, दरोगा के इशारा  करते ही पिंटू ने रिश्वत की रकम एक बैग में डाल दी, फिर क्या था, घात में लगी  टीम ने  धर दबोचा.  यह कार्रवाई एसीबी ने थाने में घुसकर की,उसके बाद तो हड़कंप मच गया.


    रिपोर्ट: शांभवी सिंह, धनबाद



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