क्या आपने बाइक के पीछे दो की जगह आठ शॉकर देखा है कभी? देखिए ये तस्वीर हैरान हो जाएंगे आप

    क्या आपने बाइक के पीछे दो की जगह आठ शॉकर देखा है कभी?  देखिए  ये तस्वीर हैरान हो जाएंगे आप

    धनबाद(DHANBAD):  अमूमन मोटरसाइकिल में पीछे दो शॉकर  होते हैं लेकिन अगर आपको आठ शॉकर  वाली बाइक देखनी है, तो धनबाद आ जाइये. इस  बाइक पर  सवारी नहीं होती है, बल्कि मालवाहक बनकर यह  कोयला ढोती  है. इस बाइक पर 14 से 15 कुंतल तक कोयला लोड कर  ढुलाई  की जा सकती है. कोयला  लोड  बाइकों को धनबाद कोयलांचल की सड़कों पर आसानी से देखा जा सकता है. कोई पूछ सकता है कि पीछे दो बाइक की  जगह आठ शॉकर  कैसे लग सकते हैं, तो यह सब देसी तकनीक का कमाल है. कोयला ढोने के लिए दो शॉकर  वाली बाइक में आठ  लगा दिए जाते है. यह काम करने के लिए कुछ विशेष वर्कशॉप है. सब जगह यह काम नहीं हो सकता है. विशेष वर्कशॉप में विशेष मैकेनिक ही इस काम को कर सकते है. शॉकर  बदलकर अधिक वजन  ढोने  लायक बाइक को बना दिया जाता है. इन बाइक  में नंबर प्लेट नहीं होता है.

    पकड़ाते है तो बाइक छोड़ भाग जाते है 

    पुलिस अगर इन्हें पकड़ी भी  तो चालक  बाइक छोड़कर लापता हो जाते है. सूत्र बताते हैं कि बड़े-बड़े कोयला तस्करों के संरक्षण में यह सब काम किया और कराया जाता है. धनबाद स्थित कई अवैध कोयला डिपो में इस तरह की बाइक से कोयला पहुंचाया जाता है. कई  कोयला आधारित उद्योग तो इन्हीं चोरी के कोयले के भरोसे चलते है. यह  अलग बात है कि इसमें सैकड़ो युवा लगे रहते है. गलत काम है फिर भी इसे धंधा के रूप में यहां अपना लिया गया है. जान जोखी में डालकर कोयला काटने और ढोने वालों की आमदनी का अधिक हिस्सा कोयला तस्करों के पास चला जाता है. यहां से यह कोयला अन्य प्रदेशों में भी जाता है. फर्जी दस्तावेज बनाने के लिए भी सिंडिकेट काम करता है. दशकों - दशक पहले जब धनबाद में बालू घोटाला हुआ था तो बाइक पर बालू ढोने  का खुलासा हुआ था. मतलब बालू की ढ़ुलाई  हुई ही नहीं और किसी न किसी बाइक के नंबर पर बालू की ढ़ुलाई  दिखा दी गई.  

    कोलियरियों  में कोयला निकालने के बाद बालू भरा जाता था 

    कोलियरियों  में कोयला निकालने के बाद उसमें बालू भरने  की व्यवस्था थी. रोपवे  सिस्टम भी था. रोपवे  सिस्टम तो अब पूरी तरह से खत्म हो गया है, हालांकि यह सिस्टम अभी भी लोहा चोरों के लिए आमदनी का जरिया बना हुआ है. लोहा चोर इसे   काटते हैं और बेचते है. कोलियरी  इलाकों में जो धसान  की घटनाएं हो रही है , उसकी वजह भी बालू का नहीं भराई करना ही है. राष्ट्रीयकरण के बाद कोयला निकालने के बाद बालू भराई के  काम में गड़बड़ी की शुरुआत हुई और धीरे-धीरे यह बढ़ती चली गई. एक समय में बालू ठेकेदारों का यहां बड़ा सिंडिकेट काम करता था. यह  सिंडिकेट बिहार तक के बालू घाटों की नीलामी लेता था. अभी हाल फिलहाल में प्रवर्तन निदेशालय ने बिहार में बालू घोटाले की जांच के क्रम में धनबाद में कई बालू व्यवसाईयों को गिरफ्तार भी किया है. बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाले में तो बाइक पर पशुओं की ढुलाई  का भी खुलासा हुआ था. फिलहाल एक बाइक में आठ शॉकर लगाकर धनबाद में यह मालवाहक बने हुए है.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 



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