देवघर(DEOGHAR): सभी को समानता का अधिकार मिले, सभी को समान रूप से जीने का अधिकार मिले, लोगों के बीच रंग, रूप, लिंग, धर्म, विचार, संपत्ति, राजनीति आदि बातों के आधार पर कोई भेदभाव नहीं हो. इसलिए मानवाधिकार का निर्माण किया गया. संयुक्त राष्ट्र द्वारा 10 दिसंबर 1950 को इसे मनाना तय किया गया था, तब से हर साल 10 दिसंबर को विश्व मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है. इसी के तहत आज देवघर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के द्वारा आर. मित्रा प्लस टू विद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को मानवाधिकार के बारे में बतलाया गया.
लोगों को मानवाधिकार के बारे में जानकारी नहीं
जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से सीजीएम मनोज कुमार प्रजापति ने बताया कि इस वर्ष मानवाधिकार दिवस का थीम Dignity, Freedom or Justice for All रखा गया है. सीजीएम ने बताया कि आज भी कई लोगों को मानवाधिकार के बारे में जानकारी नहीं है. खासकर गांव में मानवाधिकार का हनन होना आम बात हो गई है, ऐसे में सभी को इसके अधिकार के बारे में जानकारी होनी जरूरी है.
जागरूकता शिविर में बड़ी संख्या में लोग हुए उपस्थित
बता दें कि उनके लिए इस तरह का जागरूकता शिविर बहुत कारगर साबित हो रही है. सीजीएम ने कहा कि अगर किसी का मानवाधिकार हनन होता है तो वैसे लोग विधिक सेवा प्राधिकार या फिर मानवाधिकार आयोग में अवश्य शिकायत करें. विद्यालय में आयोजित जागरूकता शिविर में बड़ी संख्या में विद्यार्थी और शिक्षक मौजूद रहे.
रिपोर्ट: रितुराज सिन्हा, देवघर

