झारखंड में वार्ड पार्षद, मेयर और डिप्टी मेयर को हर महीने कितना मानदेय देती है सरकार, पढ़िये सबकुछ

    झारखंड में वार्ड पार्षद, मेयर और डिप्टी मेयर को हर महीने कितना मानदेय देती है सरकार, पढ़िये सबकुछ

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK):झारखंड में हाल ही में नगर निकाय चुनाव संपन्न हुआ है. जहां 23 फरवरी को पुरे झारखंड में वार्ड पार्षद मेयर और डिप्टी मेयर के लिए वोट डाले गए तो वहीं 27 फरवरी को इसके नतीजे घोषित कर दिए गए. सभी वार्ड पार्षद मेयर और डिप्टी मेयर अपने अपने क्षेत्र में काम करने और विकास करने के काम में लगे हुए है.सभी लोगों को पता है कि वार्ड पार्षद मेयर और डिप्टी मेयर की जिम्मेदारी बड़ी होती है, शहर की सरकार चलाने में इनकी अहम भागीदारी है.साफ सफाई पानी की व्यवस्था और अन्य कई ऐसी ज़िम्मेदारी है जो इनके कंधे पर होती है, लेकिन बहुत से लोगों को वार्ड पार्षद मेयर और डिप्टी मेयर को हर महीने मिलने वाले वेतन की जानकारी नहीं होती है ऐसे में चलिए हम आपको सही जवाब बताते है.

     वार्ड पार्षद, मेयर और डिप्टी मेयर को कितना मानदेय देती है सरकार

    आपको बता दें कि मेयर, डिप्टी मेयर और वार्ड पार्षद शहर के लोगों के ऐसे प्रतिनिधि होते है जो जमिनी तौर पर उनकी सभी परेशानियों को सुनते है और उसका निदान भी करते है लेकिन बहुत से लोग ऐसे भी है जिन्हें इस बात की जानकारी नहीं होती है कि मेयर, डिप्टी मेयर,पार्षदों को सरकार की ओर से हर महीने कितना मानदेय दी जाती है.यदि आपको भी इसकी जानकारी नहीं है तो आपको यह खबर जरूर पढ़नी चाहिए है.

    पढ़िये सही जवाब

    आपको बता दे कि जिस तरिके से सांसद, विधायक, पंचायत प्रतिनिधि को हर महीना सरकार की ओर से तय वेतन दिया जाता है, उसी तरीके से नगर निगम के मेयर, डिप्टी मेयर और पार्षद को भी सरकार मानदेय का भुगतान करती है ऐसे में सवाल उठाता है कि इतनी जिम्मेदारियां उठने वाले मेयर डिप्टी मेयर और पार्षदों की सैलरी कितनी है तो आपको बता दें कि झारखंड में वर्तमान व्यवस्था के अनुसार मेयर को हर महीने 10000 रुपये दिए जाते है.वही डिप्टी मेयर को भी 10000 हर माहिन सरकार भुगतान करती है.वहीं पार्षदों को हर माहिन 7000 प्रतिमाह भुगतान किया जाता है.

    जिमेदारिया ज्यादा पैसा काम ?

    इसके साथ ही मेयर और डिप्टी मेयर को नगर निगम की ओर से आने-जाने के लिए वाहन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है, हालांकी पार्षदों को यह सुविधा उपलब्ध नहीं है.आपको बता दें कि जो सफाई कर्मी नगर निगम में काम करते है उनकी सैलरी भी 10 से 15000 रुपये के बीच है लेकिन मेयर और डिप्टी मेयर की सैलरी इतनी कम क्यों है.तो आपको बता दें कि झारखंड के अलग-अलग जिलों में वार्ड पार्षद डिप्टी मेयर और मेयर के लिए वेतन को बढ़ाने की मांग बहुत बार उठा चुकी है लेकिन फिर भी इस पर कोई भी अब तक सुनवाई नहीं हुई है. कुछ पूर्व के जनप्रतिनिधि यह भी आरोप लगाते है कि यह न्युनतम वेतन अधिनियम का बहुत बड़ा उल्लंघन है.


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