स्वास्थ्य मंत्री सह जामताड़ा विधायक डॉ इरफान अंसारी की राजनीति में कैसे हुई एंट्री, पढ़ें क्यों विवादों से रहा गहरा नाता

    स्वास्थ्य मंत्री सह जामताड़ा विधायक डॉ इरफान अंसारी की राजनीति में कैसे हुई एंट्री, पढ़ें क्यों विवादों से रहा गहरा नाता

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK): जामताड़ा विधायक डॉ इरफान अंसारी एक बार फिर कांग्रेस कोटे से हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल में मंत्री बने हैं. गौरतलब है कि जब हेमंत सोरेन दूसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में झारखंड की कमान संभाली ली तो डॉ इरफान अंसारी को अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया था. डॉ इरफान जामताड़ा विधानसभा सीट से तीसरी बार विधायक बने है. इस बार बीजेपी की उम्मीदवार सीता सोरेन को हराकर इन्होंने जीत हासिल की. जिसका इनाम हेमंत सोरेन की ओर से इन्हें दिया गया और मंत्रीमंडल में शामिल किया गया.

    2014 में पहली बार जीता विधायक का चुनाव

    जब मंत्रीमंडल का विस्तार किये जाने की चर्चा तेज थी, तब डॉ इरफान असांरी का नाम काफी आगे चल रहा था. जिनको हेमंत सोरेन ने दुबारा अपने मंत्रीमंडल में शामिल किया. चलिए जान लेते है कि आखिर डॉ इरफान अंसारी की राजनीतिक सफर की शुरुआत कैसे और कब हुई. आपको बताये कि डॉ इरफान अंसारी कांग्रेस के मंझे हुए नेता फुरकान अंसारी के बेटे है. इनके राजनीतिक करियर की शुरुआत साल 2014 में हुई जब पहली बार इन्होने जामताड़ा से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर विधायक पद के लिए चुनाव लड़ा और बीजेपी के उम्मीदवार वीरंद्र मंडल को 9137 वोटों से हराकर झारखंड विधानसभा पहुंचे.

    सभी मुद्दों पर खुलकर बोलते है इरफान अंसारी

    आपको बताये कि डॉ इरफान असांरी मुस्लिम समुदाय से आते है, लेकिन सभी धर्मों को लेकर इनके अंदर सम्मान है, जिसका उदहारण भी समय समय पर लोगों को देखने को मिलता है. जामताड़ा के सभी समुदाय के लोगों के बीच इनकी अच्छी पकड़ है, लोग इनको देखना और सुनना पसंद करते है. इरफान अंसारी काफी मुखर नेता है, जो सभी मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते है, लेकिन इसी वजह से कभी कभी इनको लोगों के विरोध का शिकार भी होना पड़ता है. ये एक ऐसे व्यक्तित्व के धनी नेता है, जो मजाकिया अंदाज में बहुत कुछ बोल कर आगे निकल जाते है. इनके हर अंदाज पर जनता फिदा हो जाती है.जामताड़ा के मंदिरों में पूजा करना हो या मुस्लिम समाज के लिए आवाज उठाना इन्हें दोनों चीजें भली भांती आती है, यही वजह है कि डॉ इरफान अंसारी को जनता ने तीसरी बार जामताड़ा का विधायक बनाया है.

    इरफान अंसारी ने सरकारी चिकित्सक के तौर पर भी दिया है सेवा

    आपको बताये कि इरफान असांरी के पास एमबीबीएस की डिग्री भी है. इन्होने साल 2002 सेल 2004 तक सरकारी चिकित्सक के रुप में अपनी सेवा दे चुके है. इनकी डिग्री को लेकर कई बार झारखंड की राजनितिक गलियारों में हंगामा हो चुका है. विपक्ष की ओर से कई बार इरफान अंसारी के एमबीबीएस की डिग्री पर सवाल खड़ा किया जा चुका है. वहीं इरफान असांरी एक बार फिर तब विवाद में आये जब उनकी गाड़ी से एक साथ 40 लाख रुपये बरामद हुए थे, इसके बाद इन्हें पार्टी से निलंबित भी कर दिया गया था, लेकिन फिर से इन्हे पार्टी में शामिल कर लिया गया.

     दुसरी बार मंत्री बनने से जामताड़ा के लोगों में उत्साह

    डॉ इरफान अंसारी का जन्म 17 जनवरी 1975 को हुआ था.ये झारखंड के युवा नेता है, जिनकी उम्र 49 साल है. इस बार झारखंड कैबिनेट में इन्हे स्वास्थ्य मंत्री का पदभार सौंपा गया है.जिसको लेकर जामताड़ा के लोगों में काफी उत्साह और खुशी है.वहां की जनता को उम्मीद है कि स्थानीय विधायक के मंत्री बनने से उनका भी काफी विकास होगा. अब स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी  डॉ इरफान अंसारी कैसे निभाते है ये देखनेवाली बात होगी.


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