कैसे "चक्करघिरनी" बन गई है धनबाद भाजपा की राजनीति, कौन दिखा रहा रांची में दम तो किसको दिल्ली पर भरोसा !


धनबाद (DHANBAD) : धनबाद में भाजपा की राजनीति "चक्करघिरनी" बन गई है. प्रदेश समिति अपने निर्णय पर अड़ा हुआ है, तो इधर धनबाद का मामला दिल्ली पहुंच गया है. धनबाद महानगर अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर जबरदस्त पावर की लड़ाई चल रही है. कहा जा रहा है कि धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो और धनबाद के विधायक राज सिन्हा में शीत युद्ध चल रहा है .
सांसद ढुल्लू महतो नितिन भट्ट को महानगर का अध्यक्ष बनना चाहते हैं. इसका विरोध धनबाद के विधायक राज सिन्हा कर रहे हैं. दरअसल सच्चाई यह है कि महानगर के वर्तमान अध्यक्ष श्रवण राय ने जब संगठन का विस्तार किया था, उसके बाद उनके खिलाफ कार्यक्रम किए गए. पुतला दहन तक किया गया. सूत्र बताते हैं कि जो जो लोग उस कार्यक्रम में अग्रणी भूमिका निभाए थे, उनकी सक्रिय सदस्यता होल्ड पर रख दी गई है .इनमें झरिया विधानसभा के चार लोग, धनबाद विधानसभा के भी चार नेता और कार्यकर्ता के अलावे बाघमारा से भी एक की सक्रिय सदस्यता होल्ड पर भेज दी गई है.
सूत्रों के मुताबिक धनबाद महानगर अध्यक्ष की घोषणा अब लगता है कि झारखंड प्रदेश अध्यक्ष और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा के बाद ही हो सकती है. फिलहाल की स्थिति में सांसद ढुल्लू महतो नितिन भट्ट को महानगर अध्यक्ष बनाने पर अड़े हुए हैं, तो विधायक राज सिन्हा श्रवण राय के पैरोकार बने हुए हैं. कोई इस मामले में साफ कुछ कह नहीं रहा है, लेकिन सच्चाई यही है कि सक्रिय सदस्यता का पेंच इस कदर फंसा हुआ है कि मामला उलझता जा रहा है.
प्रदेश ने सक्रिय सदस्य के होल्ड मामले में कोई भी परिवर्तन करने से साफ इनकार कर दिया है. उसके बाद यह मामला दिल्ली रेफर कर दिया गया है. अब धनबाद महानगर अध्यक्ष की घोषणा दिल्ली से ही होगी. दरअसल, प्रदेश भाजपा ने धनबाद महानगर जिला अध्यक्ष के लिए सांसद ढुल्लू महतो, विधायक राज सिन्हा, विधायक रागिनी सिंह, विधायक शत्रुघ्न महतो, जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह एवं पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल से नाम जानने की कोशिश की थी .लेकिन एक राय नहीं बन पाई .
इधर,सांसद ढुल्लू महतो नितिन भट्ट को महानगर जिला अध्यक्ष बनाने पर अड़े हुए हैं.तो राज सिन्हा इसका विरोध कर रहे है. कहा तो यही जाता है कि प्रदेश संगठन में विधायक राज सिन्हा भारी पड़ रहे हैं. प्रदेश के संगठन नेताओं के बीच उनकी पकड़ मजबूत बताई जा रही है और सांसद ढुल्लू महतो की पकड़ दिल्ली में मजबूत कहीं जा रही है. और शायद इसलिए भी यह मामला उलझ गया है .
यह भी कहां जा रहा है कि धनबाद महानगर अध्यक्ष की कुर्सी धनबाद के कई दिग्गज बीजेपी नेताओं की ताकत बताएगी. इसलिए भी खींचतान चल रही है. बताया जाता है कि प्रदेश भाजपा धनबाद महानगर अध्यक्ष श्रवण राय के विरोध को गंभीरता से लिया है. जिनकी सक्रिय सदस्यता होल्ड पर है, वह यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि विरोध संगठन का नहीं, बल्कि श्रवण राय का किया गया था. जबकि प्रदेश संगठन का कहना है कि श्रवण राय को जिला अध्यक्ष प्रदेश ने बनाया था ,इसलिए श्रवण राय का विरोध का मतलब हुआ कि प्रदेश का विरोध किया गया.
ऐसे में उनके इस कृत्य को संगठन विरोधी माना जाने लगा और यही वजह है कि सक्रिय सदस्यता उनकी रोक दी गई है.अब सवाल उठता है कि बिना सक्रिय सदस्य के नितिन भट्ट महानगर अध्यक्ष कैसे बन सकते हैं ?इसके लिए पहले होल्ड पर गए सक्रिय सदस्यों के मामले को निपटाना होगा. लेकिन प्रदेश संगठन इसके लिए तैयार नहीं है और मामला दिल्ली दरबार में पहुंच गया है. देखना दिलचस्प होगा कि प्रदेश के निर्णय को दिल्ली मानता है अथवा उसे पलट देता है. या राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति तक धनबाद का मामला होल्ड पर रहता है.
रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो
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