"हिस्ट्रीशीटर" विक्रम शर्मा हत्याकांड: जमशेदपुर में कड़ियों से कड़ियां कैसे जोड़ रही है पुलिस

    "हिस्ट्रीशीटर" विक्रम शर्मा हत्याकांड: जमशेदपुर में कड़ियों से कड़ियां कैसे जोड़ रही है पुलिस

    Tnp desk:झारखंड के "हिस्ट्रीशीटर" विक्रम शर्मा हत्याकांड के बाद किसी प्रतिशोध की कार्रवाई को रोकने के लिए झारखंड पुलिस अलर्ट मोड पर है.  जमशेदपुर में विशेष निगरानी रखी जा रही है.  पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है.  इस बीच इस हत्याकांड की जांच की सुई पहले से ही जमशेदपुर पर थी, लेकिन अब और अधिक मजबूत होती दिख रही है.  शूटरों  को पैसे का ट्रांसफर जमशेदपुर से हुआ था.  इसके बाद देहरादून पुलिस जमशेदपुर पहुंची और पैसे भेजने वाले के पिता को  लेकर चली गई.  देहरादून पुलिस अब इस  हत्याकांड की कड़ियों  को जोड़ रही है.  आशंका हैं कि जमशेदपुर के ही किसी गिरोह ने हत्या की सुपारी दी थी और अब तक की जांच में यह भी बात सामने आ चुकी है कि शूटर जमशेदपुर के ही थे. 

    दुमका जेल पर क्यों है पुलिस की नजर
     
    पुलिस अब  सबूत को इकट्ठा कर रही है.  इधर, गिरोह  के बीच तनातनी बढ़ने  के अंदेशा के बाद जमशेदपुर की निगरानी बढ़ा दी गई है.  जमशेदपुर के गैंगस्टर गिरोह के लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही है.  दुमका जेल में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.  दुमका जेल में ही अभी डॉन अखिलेश सिंह बंद है.  अखिलेश सिंह का गुरु माना जाता था विक्रम शर्मा।  अखिलेश सिंह के पैसों को ठिकाना लगाने में भी विक्रम शर्मा की भूमिका बताई जाती रही है.  ऐसे में अब आगे क्या हो सकता है , इसको लेकर पुलिस सचेत और चौकस  है.  विक्रम शर्मा की हत्या बहुत ही शातिराना  अंदाज में 13 फरवरी को देहरादून में कर दी गई थी.  इस हत्याकांड के बाद झारखंड में  भी हलचल है.  बता दें कि विक्रम शर्मा हत्याकांड में शूटरों  को फंडिंग बागबेड़ा के एक युवक ने अपने पिता के अकाउंट से किया  था.  यह पैसा यूपीआई अकाउंट से भेजे गए थे.  

    शूटरों  को भगाने की व्यवस्था भी जमशेदपुर से ही की गई थी

    इसके अलावे शूटरों  को भगाने की व्यवस्था भी जमशेदपुर से ही की गई थी.  इस संबंध में पुलिस ने युवक के पिता को गिरफ्तार कर लिया है.  पूछताछ करने के बाद देहरादून पुलिस अपने साथ देहरादून ले गई है.  13 फरवरी को देहरादून के सिल्वर सिटी मॉल परिसर में जिम से निकलने के दौरान विक्रम शर्मा की हत्या कर दी गई थी.  हत्या करने के बाद हत्यारे 200 मीटर तक पैदल भागे थे और फिर अपने साथी की  मोटरसाइकिल से फरार हो गए थे.  पुलिस ने घटनास्थल के अगल-बगल के सीसीटीवी फुटेज से तीन शूटरों  को चिन्हित किया था.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो



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