आदित्य एल 1 के प्रक्षेपण में HEC की अहम भूमिका, जानिए वैज्ञानिकों ने क्यों कहा गर्व के साथ-साथ थोड़ा दुख भी

    आदित्य एल 1 के प्रक्षेपण में HEC की अहम भूमिका, जानिए वैज्ञानिकों  ने क्यों कहा गर्व के साथ-साथ थोड़ा दुख भी

    रांची (RANCHI) : भारत एक बार फिर पूरी दुनिया में अपना नाम ऊंचा करने के लिए तैयार है एक बार फिर से इतिहास रचा जाएगा. चांद पर परचम लहराने के बाद देश के अंतरिक्ष मिशन को आज एक नई बुलंदी मिलने वाली है. जब भारत अपने सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट आदित्य एल 1 प्रक्षेपण यान सूर्य के उस अंदेखे रहस्यों को खोजने के मिशन में जुटा है और आज इसका प्रक्षेपण हुआ है. वहीं देश का हर एक नागरिक इसको लेकर गर्व महसूस कर रहा है. वहीं आदित्य एल 1 की सफलता को लेकर झारखंड की राजधानी रांची में स्थित HEC के कर्मी भी अपने योगदानों को लेकर गर्व महसूस कर रहे हैं और उत्साहित है.

    गर्व होने के साथ-साथ थोड़ा दुख भी है

    आर्थिक तंगी से जूझ रहे देश के मदर प्लांट के रूप में ख्याति प्राप्त एचईसी के कर्मियों का कहना है कि आर्थिक तंगी के बावजूद भी जिस तरह से हम लोगों ने आदित्य एल 1 में अपनी भूमिका को निभाया है. एचईसी के वैज्ञानिकों का कहना है कि गर्व होने के साथ-साथ थोड़ा  दुख भी होता है जब हम लोगों को 20 महीना से वेतन नहीं मिलने के कारण आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ रहा.  

    लगभग 125 दिनों का लगेगा समय

    आदित्य L1 अंतरिक्ष यान नई लॉन्चिंग के दौरान तीन चरणों को सफलतापूर्वक पार कर लिया है. बता दे कि पृथ्वी से 15 लाख किलोमीटर दूर L1 पॉइंट तक जाएगा इस पॉइंट पर पृथ्वी और सूर्य दोनों की गुरुत्वाकर्षण ऐसी होती है जो स्पेसक्राफ्ट को बैलेंस बनाए रखेगा. वही वैज्ञानिकों की माने तो इसे पहुंचने में तकरीबन 125 दिनों का टाइम लगेगा. 


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